बैठक में प्रधानमंत्री सड़क योजना की गुणवत्ता पर सवाल, जांच का निर्देश

0
pmgsy

जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक, सांसद ने दिए कई निर्देश

बैठक में अध्यक्ष, सचिव, सदस्य रहे उपस्थित, केंद्र सरकार की योजनाओं की हुई समीक्षा, अगली बैठक 14 जुलाई को

परवेज अख्तर/सिवान : समाहरणालय के सभागार में सांसद ओमप्रकाश यादव की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति दिशा की बुधवार को बैठक हुई। जिसमें डीएम महेंद्र कुमार सदस्य सचिव, जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति सिवान तथा संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, योजनाओं के योजना पदाधिकारी, समिति के सदस्य, सहित सभी प्रखंड प्रमुख सदस्य एवं विभागीय कर्मी मौजूद थे। कार्यक्रम में स्थानीय सांसद ओमप्रकाश यादव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पथ निर्माण, NHPC, शिक्षा विभाग, मध्यान भोजन की योजना विभाग, सर्व शिक्षा अभियान, साक्षरता अभियान, स्वास्थ्य विभाग, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एव शहरी, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग की योजना, नगर विकास विभाग की योजनाएं, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, आपूर्ति विभाग एवं राजस्व विभाग सहित लघु सिंचाई, कल्याण योजना, भू अर्जन विभाग, बिजली विभाग सहित केंद्र सरकार की 32 योजनाओं की समीक्षा किया। इस दौरान बैठक में उपस्थित सदस्यों ने प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी सड़क योजना के कार्यों में असंतोष जाहिर किया। सदस्यों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। इस संदर्भ में अध्यक्ष सह सांसद ओमप्रकाश यादव ने सदस्यों द्वारा उठाये गए सवाल प्रधानमंत्री सड़क योजना की गुणवत्ता पर कहां की गुणवत्ता से कोई समझौता नही किया जाएगा। इन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी सड़क का निर्माण किया जा रहा है वहां कनीय अभियंता मौजुड़ रहे। साथ ही कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर सदस्यों के द्वारा असंतोष जाहिर किए गए सड़कों का जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपे। बैठक में उपस्थित सदस्य प्रदुमन रॉय ने सवाल उठाया कि आपदा के लिए बिहार सरकार ने जिले को 112 चापाकल भेजा था। लेकिन इसमें घोर लापरवाही बरती गई है एवं कितना चापाकल गड़ चुंका है इसकी भी पूरी जानकारी सही आकंडो में नही दी जाती है। इसपर जबाब दिया गया है कि अभी तक 51 चापाकल गड चुंका है। सदन की बैठक में शहर एवं ग्रामीण इलाकों में बने जलमीनार जो कार्य नही करता इसपर सभी सदस्यों ने सवाल उठाया तो अध्यक्ष एवं सचिव ने जांच का निर्देश दिया। वही सदस्यों ने कहां की जांच के लिए लिख तो दिया जाता है लेकिन उसका धरातल पर जांच किया जाता है या नही इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को नही मिलती इसपर अध्यक्ष, सचिव ने जांच दल के साथ शिकायतकर्ता को भी रखने का निर्देश दिया ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही सदन में यह प्रस्ताव रखा गया कि मनरेगा से प्रत्येक प्रखंडो में एक उच्च विद्यालय की चहारदीवारी कराई जाए। वही सदन में विपक्षी दल के नेता सह गोरियाकोठी विधायक सत्यदेव सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना में घोर गड़बड़ी का आरोप लगया। इन्होंने बताया कि 206-17 एवं 2017-18 में अभी तक 134 आवास ही बन पाए है। जबकि पांच हजार लाभुकों का पैसा का आवंटन कर दिया गया है। जिसपर जांच का निर्देश दिया गया है। वही इन्होंने शौचालय में भी धांधली का आरोप लगाया जिसपर जांच का निर्देश दिया गया। वही सात निश्चय पर इन्होंने सवाल उठाया कि इसके तहत सभी कार्य घटिया तरीके से किये जा रहे है। नलजल योजना के कार्यो पर असंतोष जताया जिसपर जांच का निर्देश दिया गया। वही इन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बन रहे सड़को में बालू की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इसपर सचिव एवं अध्यक्ष ने अविलब जांच का निर्देश दिया। साथ ही इन्होंने जिले में हर प्रखंड में हुए वृक्षारोपण पर सवाल उठाया और कहां की किसी भी प्रखंड में एक भी वृक्ष नही है। इसमे करोड़ों ख़र्च किए गए। वही कसके अलावा विधान पार्षद प्रो वीरेंद्र नारायण यादव ने शिक्षा एवं पीएचइडी विभाग पर जमकर बरसे। उपस्थित सदन में अध्यक्ष ओमप्रकाश द्वारा कहां गया कि केंद्र सरकार की किसी भी योजना में कोताही नही बर्दाश्त की जाएगी। अध्यक्ष ने सचिव सह डीएम को इसपर सख्ती से पेश आने का निर्देश दिया। सचिव ने बताया कि केंद्र की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। एवं अगली बैठक 14 जुलाई को निर्धारित की गई। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष संगीता यादव, विधायक व्यासदेव प्रसाद, श्यामबहादुर सिंह, हेमनारायण साह, रमेश सिंह कुशवाहा, हरिशंकर यादव, सत्यदेव सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष सिंधु देवी, समेत सभी प्रखंडो के प्रमुख एवं पदाधिकारी मैजूद थे।[sg_popup id=”5″ event=”onload”][/sg_popup]

Loading...