सारण में कोविड-19 वैक्सीन के रख-रखाव के लिए मिला 16 आइसलाइंड रेफ्रिजरेटर

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  • 21 डीप फ्रीजर व बड़ा वाल्क-इन-कूलर जल्द आयेगा
  • 9000 लीटर क्षमता वाला वाल्क-इन-कूलर होगा स्थापित
  • सारण में बन रहा है क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोरेज रूम

छपरा: कोविड 19 टीकारकरण को सुरक्षित तरीके से लोगों तक पहुंचाने की विस्तृत कार्य योजना का खाका स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब-करीब तैयार कर लिया गया है। कोरोना वैक्सीन की कोल्ड चेन मेंटनेंस से जुड़ी तैयारियां तेज हो गई हैं। वैक्सीन को रखने के लिए 6 बड़ा व 10 छोटा आइसलाइंड रेफ्रिजरेटर सदर अस्पताल लाए गए। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए जगह को भी चिह्नित कर लिया गया है। इनमें ही वैक्सीन को सुरक्षित नियत तापमान पर रखा जाएगा। वहीं प्रखंड स्तर पर भी वैक्सीन को सुरक्षित रखने की योजना पर राज्य स्वास्थ्य समिति कार्य कर रही है। जिला प्रततिरक्षण के कोल्ड चेन टेक्निशियन शक्ति कुमार ने बताया आइसलाइंड रेफ्रिजरेटर में दो से आठ डिग्री तक तापमान पर तथा डीप फ्रिज में -10 से -25 डिग्री सेल्सियस तापमान रहता है। वैक्सीन को इन्हीं फ्रिज में रखा जाएगा।

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21 डीप फ्रीजर व वाल्क-इन-कूलर आना शेष

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बातया कोविड 19 वैक्सीन को रख-रखाव के लिए 21 डीप फ्रीजर का मांग किया गया है। ऐसी उम्मीद है कि यह सभी उपकरण बहुत जल्द जिले को प्राप्त हो जायेगा। फिलहाल राज्य मुख्यालय से 6 बड़ा 10 छोटा आइसलाइंड रिफ्रिजरेटर प्राप्त हुआ है। इसके साथ हीं जिलास्तर पर वैक्सिन को रखने के लिए 9000 लीटर क्षमता वाला वाल्क-इन-कूलर की मांग की गयी है।

9000 लीटर के क्षमता वाला वाल्क-इन-कूलर होगा स्थापित

जिले में क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोरेज रूम का बनाया जा रहा है। यहां पर 9000 लीटर के क्षमता वाला वाल्क-इन-कूलर स्थापित किया जायेगा। इसको लेकर विभाग की ओर से कार्य तेजी से किया जा रहा है। सारण प्रमंडल में फिलहाल सारण में ही वाल्क-इन कूलर स्थापित किया जायेगा। सिवान व गोपालगंज जिले के आवांटित वैक्सीन को सारण में ही रखा जायेगा। क्षेत्रीय वैक्सीन स्टोरेज रूम से ही सिवान व गोपालगंज में टीका का सप्लाई किया जायेगा।

अत्यंत जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीकाकरण के लिए क्यों चुना गया है, इस पर मंत्रालय ने कहा है, सरकार अत्यंत जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता दे रही है कि उन्हें सबसे पहले टीके की खुराक मिले। टीके के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड आदि दस्तावेज मान्य होंगे।

7500 सरकारी व 2300 निजी स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा तैयार

जिले में अब 7500 सरकारी व 2300 निजी स्वास्थ्य कर्मियो का डाटा तैयार कर लिया गया है। इन सभी लोगों का डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इसी तरह से आईसीडीएस के करीब 7000 कर्मियों का डाटा बेस तैयार किया गया है। जिनका प्रथम चरण में टीकाकरण कार्य किया जाना है।