प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का मना 32 वां वार्षिकोत्सव

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परवेज अख्तर/सिवान : शहर के महावीरी पथ स्थित परमात्मा दर्शन भवन में रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का 32वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस मौके पर आश्रम के भाई-बहनों द्वारा परमात्मा के ध्यान के पश्चात ज्ञान मुरली का श्रवण किया गया। इसके बाद सांसद ओमप्रकाश यादव ने केक काटब्रह्म सभी को बधाई दी। संस्था की सफलता पर प्रकाश डालते हुए राजयोगिनी बीके सुधा बहन ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1936 में परमपिता परमात्मा शिव निराकार द्वारा प्रजापिता ब्रह्मा के शरीर का आधार लेकर सिंध हैदराबाद में हुआ। उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में मूल शिक्षा, आध्यात्मिक ज्ञान और सहज राजयोग की शिक्षा द्वारा समाज का उत्थान एवं चरित्र निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि यह संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ का गैर कानूनी सरकारी सदस्य है तथा यूनिसेफ एवं आर्थिक और सामाजिक परिषद का परामर्शदाता सदस्य है। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति पदक से सम्मानित किया जा चुका है और विभिन्न देशों द्वारा पांच राष्ट्रीय स्तर के शांतिदूत पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। सुधा बहन ने कहा कि विश्व में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना द्वारा सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर यह संस्था प्रयासरत है। विश्व के 140 देशों में इस संस्था के करीब 8500 केंद्र हैं जिनकी कड़ी सिवान सेवा केंद्र की स्थापना 1987 में की गई। तत्पश्चात सभी आगत बंधुओं को ईश्वरीय उपहार दिया गया एवं भोजन कराया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. जेएन प्रसाद,डॉ. एके अनिल, डॉ. रामएकबाल गुप्ता, डॉ. कंचन माला, डॉ. रंजिता, डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. राकेश कुमार, बीके प्रेम भाई, निर्मल भाई, अर्जुन भाई समेत करीब पांच सौ भाई-बहनों उपस्थित थे।परवेज अख्तर/सिवान : शहर के महावीरी पथ स्थित परमात्मा दर्शन भवन में रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का 32वां वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस मौके पर आश्रम के भाई-बहनों द्वारा परमात्मा के ध्यान के पश्चात ज्ञान मुरली का श्रवण किया गया। इसके बाद सांसद ओमप्रकाश यादव ने केक काटब्रह्म सभी को बधाई दी। संस्था की सफलता पर प्रकाश डालते हुए राजयोगिनी बीके सुधा बहन ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1936 में परमपिता परमात्मा शिव निराकार द्वारा प्रजापिता ब्रह्मा के शरीर का आधार लेकर सिंध हैदराबाद में हुआ। उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में मूल शिक्षा, आध्यात्मिक ज्ञान और सहज राजयोग की शिक्षा द्वारा समाज का उत्थान एवं चरित्र निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि यह संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ का गैर कानूनी सरकारी सदस्य है तथा यूनिसेफ एवं आर्थिक और सामाजिक परिषद का परामर्शदाता सदस्य है। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति पदक से सम्मानित किया जा चुका है और विभिन्न देशों द्वारा पांच राष्ट्रीय स्तर के शांतिदूत पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। सुधा बहन ने कहा कि विश्व में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना द्वारा सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर यह संस्था प्रयासरत है। विश्व के 140 देशों में इस संस्था के करीब 8500 केंद्र हैं जिनकी कड़ी सिवान सेवा केंद्र की स्थापना 1987 में की गई। तत्पश्चात सभी आगत बंधुओं को ईश्वरीय उपहार दिया गया एवं भोजन कराया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. जेएन प्रसाद,डॉ. एके अनिल, डॉ. रामएकबाल गुप्ता, डॉ. कंचन माला, डॉ. रंजिता, डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. राकेश कुमार, बीके प्रेम भाई, निर्मल भाई, अर्जुन भाई समेत करीब पांच सौ भाई-बहनों उपस्थित थे।