सुपौल में गैंगरेप व हत्या में 4 को फांसी, कोर्ट ने कहा- निर्भया से भी जघन्य केस; जानें दरिंदगी की पूरी कहानी

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पटना: बिहार के सुपौल में नाबालिग सहित तीन महिलाओं से गैंगरेप और एक पीड़िता की हत्या के मामले में सुपौल की अदालत ने बुधवार को चार अभियुक्तां को फांसी की सजा सुनाई। वर्ष 2019 में हुए इस चर्चित मामले के सभी अभियुक्त छातापुर थाना क्षेत्र के नरहैया के रहने वाले हैं। एडीजे-6 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो पाठक आलोक कौशिक की कोर्ट ने इस घटना को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माना।

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कोर्ट ने धारा 302 में अनमोल यादव को मृत्युदंड के साथ 20 हजार के जुर्माना की सजा सुनायी। जुर्माना की राशि नहीं देने पर दो साल कारावास की सजा भुगतनी होगी। 302/34 भादवि में अनमोल यादव, अलीशेर, अयूब और जमाल को मृत्युदंड के साथ 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

जुर्माना नहीं देने पर दो महीने कारावास की सजा होगी। साथ ही पॉक्सो एक्ट में नाबालिग के साथ गैंगरेप के लिए अलीशेर, अयूब और अनमोल यादव को फांसी की सजा दीगई। कोर्ट ने चारों को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) व 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्तों को छह माह की सजा होगी। रेप से पहले लूटपाट में10 साल का कारावास और 30-30 हजार के जुर्माने की सजा दी गई।

जुर्माना नहीं देने पर एक साल की सजा होगी। इसके अलावा धारा 341 में एक माह की कैद व जुर्माना, धारा 342 में एक साल की सजा, 323 के तहत एक साल की जेल व आर्म्स एक्ट में सात साल का कारावास और पांच-पांच का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल कारावास की सजा होगी।

हत्या-गैंगरेप मामले में 12 लोगों ने दी गवाही

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, लेकिन जुर्माना नहीं देने की स्थिति में लागू सजाएं एक के बाद एक चलेंगी। अभियोजन से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी और बचाव पक्ष से वीरेन्द्र कुमार झा बच्चन, नागेन्द्र नारायण ठाकुर, संजय कुमार सिंह और जवाहर झा ने बहस की। पूरे मामले में डॉक्टर, आईओ सहित 12 लोगों ने गवाही दी। वहीं कोर्ट ने मृतका के आश्रितों को 18.5 लाख व अन्य दो पीड़िताओं को 8.5-8.5 लाख देने का आदेश भी दिया है। मृतका को मिलने वाले प्रतिकर में आधा माता-पिता को और आधा पति को देने का आदेश दिया है।

जल्द से जल्द दोषियों को दी जाए फांसी

कोर्ट का फैसला आते ही महिलाओं ने कहा कि अब जल्द से जल्द दोषी को फांसी पर लटका दिया जाए। पीड़ित का केस लड़ रही वकील नीलम कुमारी ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक दिन है। महज 31 महीने बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। दुष्कर्मियों के लिए इससे कड़ा संदेश जाएगा। छात्रा दीपिका झा ने कहा कि आखिरकार इंसाफ हुआ है। नीता कुमारी ने कहा कि अब दोषियों को फांसी पर लटकाने की तारीख भी जल्द तय होनी चाहिए। स्वर्ण ज्योति ने कहा कि देश की बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए फांसी की सजा भी कम है।

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