सारण में एक माह में 47,106 बच्चों व 11,985 गर्भवती महिलाओं को किया गया प्रतिरक्षित

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  • 1 से 31 जुलाई तक 3997 टीकाकरण सत्र किए गए आयोजित
  • आरोग्य दिवस पर हो रहा है टीकाकरण का कार्य
  • नियमित टीकाकरण से कई तरह की बीमारियों से होता है बचाव

छपरा: वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भी बच्चों व गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों तथा आरोग्य दिवस पर नियमित टीकाकरण का कार्य संचालित किया जा रहा है। कार्य योजना बनाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जा रहा है। कोरोना काल के बीच भी स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि सारण जिले में 1 से 31 जुलाई तक कुल 47106 बच्चों तथा 11985 गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया गया है। स्वास्थ विभाग के द्वारा नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। सदर अस्पताल अनुमंडलीय अस्पताल रेफरल अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा शुरू करा दी गई है। वहां पर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से टीका लगाया जा रहा है।

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3997 टीकाकरण सत्र आयोजित

सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावे आंगनबाड़ी केंद्रों व गांव में चिन्हित स्थानों पर आरोग्य दिवस का आयोजन किया जाता है। जहां पर टीकाकरण के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाती है। जिले में 1 से 31 जुलाई तक 3997 टीकाकरण का सत्र आयोजित किए गए हैं। टीकाकरण सत्र पर आने वाले लक्षित समूह को परिवार नियोजन की सेवाएं, काउंसलिंग, आयरन की गोली का वितरण किया जाता है। इसके साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है।

टीकाकरण से कई तरह की बीमारियों से होता है बचाव

शिशुओं व गर्भवती महिलाओं के रूटीन इम्यूनाइजेशन उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाता है। इनमें कई बीमारियां शामिल है। टीकाकरण से बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाता है ताकि उनके रोग से लड़ने की क्षमता विकसित हो सके। गर्भवती व नवजात को डिप्थीरिया से बचाने के लिए टीडी के दो टीके दिए जाते हैं। टीबी से बचाने के लिए बीसीजी, हेपेटाइटिस से बचाने के लिए हेप-बी, पोलियो से बचाव के लिए ओपीवी एवं आईपीवी, डिप्थीरिया, परट्यूसिस, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी व हिमोफिलेस इंफ्लुएंजी से बचाव हेतु पेंटावेंट, डायरिया से बचाव हेतु रोटा वायरस का टीका, न्यूमोकोकस के संक्रमण से बचाव हेतु पीसीवी, खसरे व रुबेला से बचाव हेतु एमआर और जापानी बुखार से बचाव के लिए जेई का टीका लगाया जा रहा है।

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जा रहा ख्याल

टीकाकरण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों लाभार्थियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षात्मक यथा सभी स्तर पर व्यक्तिगत दूरी, कम से कम 6 फीट की दूरी, मुंह को ढक कर रखने, हाथ धोने एवं स्वास्थ्य संबंधित दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

लाभार्थियों को आमंत्रित कर रहीं हैं आशा

प्रत्येक टीकाकरण सत्र के पूर्व सभी लक्षित लाभार्थियों को टीकाकरण सत्र स्थल समय की सूचना आशा द्वारा दी जा रही है। लाभार्थियों को एक तय समय सारणी के अनुसार सत्र स्थल पर आने के लिए सूचित किया जा रहा है । ताकि किसी भी परिस्थिति में 5 से अधिक व्यक्ति एकत्र ना हो पाए। इसके साथ ही सत्र स्थल पर निश्चित दूरी पर घेरा का प्रतीक चिन्ह बना कर लाभार्थियों को रखा जा रहा है। लाभार्थी को लेकर आने वाले परिवार के सदस्य भी निश्चित रूप से अपने मुंह एवं नाक को कपड़े मास्क से ढककर आने के लिए प्रेरित कर रही है।