CM नीतीश के करीबी नेता ने शराबबंदी को दिखाया ठेंगा, नशे में धुत गीत गाते और नाचते आए नजर, वीडियो VIRAL

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परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
उटपटांग हरकतों की वजह से अक्सर सुर्खियां बटोरने वाले सीवान के बड़हरिया विधानसभा से जेडीयू के पूर्व विधायक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नेता श्याम बहादुर सिंह फिर एक बार सुर्खियों में हैं. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे नशे में चूर होकर कभी गाना गाते, कभी नाचते तो कभी किसी महिला जनप्रतिनिधि पर अभद्र टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं.

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पूर्व विधायक ने शराबबंदी को दिखाया ठेंगा

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह शराब के नशे में चूर हैं. कुछ लोग उनको घेरे हुए हैं, जिसमें एक शख़्स उनसे देशी या विदेशी सिगरेट लेने की बात पूछता है, तो वे देशी मांगते हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि सीवान के बड़हरिया से आरजेडी उम्मीदवार के हाथों हारने का गम पूर्व विधायक को अभी तक सता रहा है. ऐसे में वे इससे जोड़कर अश्लील गीत भी गाते दिख रहे हैं.

महिला पर की अभद्र टिप्पणी

वहीं, वीडियो में वे पंचायत चुनाव का रिजल्ट घोषित होने के बाद पूछते दिख रहे हैं कि यहां से जिला पार्षद कौन बना है. इस पर महिला का नाम बताए जाने पर भी वे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं. वीडियो पचरुखी प्रखंड क्षेत्र का है.

पूर्व विधायक ने जमकर किया डांस

वहीं, दूसरा वीडियो, पचरूखी प्रखंड के सूरवाला पंचायत का है, जहां से पूर्व विधायक के करीबी विनोद सिंह की पत्नी ज्ञानति देवी ने जीत हासिल की है. ऐसे में जीत की बधाई देने पहुंचे पूर्व विधायक खुशी के मारे ” झुमका गिरा रे, सुरवाला पंचायत में” गीत गाते हुए नाचते नजर आ रहे हैं.

मालूम हो कि बड़हरिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पचरुखी प्रखंड में पांचवे चरण में चुनाव हुए थे, जिसमें 26 अक्टूबर को हुई मतगणना में सहलौर पंचायत से उनके बेटे संजय कुमार सिंह ने दूसरी बार बाज़ी मारी हैं. वहीं, चुनाव परिणाम आने के बाद पूर्व विधायक जीते हुए लोगों को बधाई देने निकले थे.

सीएम नीतीश के करीबी हैं श्याम बहादुर

ज्ञात हो कि, श्यामबहादुर सिंह सीएम नीतीश के बेहद करीबी नेता माने जाते हैं. वो बड़हरिया विधानसभा के पूर्व विधायक हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री “सर” कहकर बुलाते हैं. हालांकि, उनकी वजह से अक्सर पार्टी और मुख्यमंत्री की किरकिरी होती रहती है. इसके बावजूद पार्टी उनपर कार्रवाई नहीं करती.