तरवारा बाजार व आस-पास के इलाकों से भव्य ताजिया के साथ निकाला गया जुलूस

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tarwara tajiya
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परवेज़ अख्तर/सिवान:- जिले के जी.बी. नगर थाना क्षेत्र के तरवारा बाजार,काजीटोला सरैया ,फखरुद्दीनपुर ,डीके सारंगपुर ,शंकरा,उरियानटोला, नौरंगा, सारंगपुर ,चौकी हसन ,भरतपुरा,दीनदयालपुर समेत दर्जनों गांव से मुहर्रम पर्व को लेकर भव्य ताजिया जुलूस के साथ निकाला गया। एक से बढ़कर एक झांकियां भी निकाली गई जो शांति सौहार्द की मिसाल दे रही थी।थाना क्षेत्र के चौकी हसन के अंधेरी बाग़ में एक भव्य मेला का आयोजन किया गया।इस मेला में पीपरा नारायण,समेत दर्जनों गांव के ताजियादारों ने हिस्सा लिया।वहीं तरवारा बाजार के अंसारी मोहल्ला से समाजसेवी गोल्डेन सैफी व सोना अंसारी व राकी टोला से इफ्तेखार इराकी अध्यक्षता में हुसैन कि याद में मातमी जुलूस निकाली गई जो तरवारा के सभी मार्गों से होकर गुजरा और काजीटोला गांव में आखाड़े का मिलान करने के बाद सरैया गांव के समीप तक गया।उसके बाद सरैया,काजीटोला गांव के ताजियादारों ने एक साथ मिलकर उरियानटोला गांव स्थित लगे मेला में गये।और कई गांवों के ताजियादारों ने एक साथ मिलकर अपने-अपने कला का खूब प्रदर्शन किया। वहीं मिडिया से रूबरू होते हुए सामजसेवी गोल्डेन सैफी ने कहा कि मुहर्रम पर हम उस शख्सियत के नाम पर मनाते है की जिसके लिए मुसलमान मानते हैं कि उसने अपना सिर कटाकर इस्लाम को बचा लिया. इनके बारे में कहा जाता है कि इन्होंने दीन-ए-इस्लाम को बचाने के लिए एक से बढ़कर एक कुर्बानी दी. इनमें उनके छह माह के बेटे की शहादत भी शामिल हैं और 18 साल के बेटे की भी नाम है हुसैन (अ.). ये वही हुसैन हैं, जिनके लिए मोहम्मद साहब ने कहा था कि हुसैन मुझसे है और मैं हुसैन से। लेकिन फिर भी यजीद नाम के शख्स ने उनको क़त्ल करा दिया. कहा जाता है कि यज़ीद चाहता था कि हर बात उसकी मानी जाए. सुन्नी मुसलमान के चौथे खलीफा और शिया मुस्लिम के पहले इमाम हज़रत अली के दूसरे बेटे हैं हुसैन. पहले बेटे का नाम हसन है. पैगंबर मोहम्मद साहब की बेटी फातिमा, हुसैन की मां हैं. यानी पैगंबर मोहम्मद साहब हुसैन के नाना है।julushहुसैन को शिया मुस्लिम अपना तीसरा इमाम मानते हैं। जुलूस में शामिल, इफ्तिखार इराकी ,हाजी मोहम्मद अली शाह अब्दुल करीम रिजवी, नेयाज सैफी ,हफीज सैफी, मुजाहिद उर्फ रोमी सरकार ,साकिब मल्लिक, अमजद अली उर्फ नेताजी ,इमरान अली , मुन्ना अली, मुमताज साई, गयासुद्दीन साई, इकरामुद्दीन इराकी,मन्नान इराकी,जहांगीर इराकी,आलमगीर इराकी, सद्दाम इराकी, तौसीफ इराकी, शहाबुद्दीन इराकी, नन्हे अली, सद्दाम अंसारी इम्तियाज अंसारी जुल्फिकार अली, मिस्टर उर्फ आरजू , सोनू अंसारी उर्फ नेता जी, जुनेद अंसारी, अरमान अंसारी ,लड्डन अंसारी ,सब्बीर अंसारी, साकिब खान, सोना अंसारी, नबी हुसैन, मासूम अंसारी, रहीमुल्लाह सैफी ,सोनू सैफी ,मोनू सैफी, नसरुल्लाह सैफी , मुस्तकीम सैफी , नसरुद्दीन सैफी, पप्पू कुरैशी, नेसार कुरैशी, असलम साई , नुरहाशिम अंसारी, शहनशाह आलम अंसारी, सलमान खुर्सीद अंसारी, नफीस बाबू , रिक्की बाबू उर्फ मास्टर साहब, तौफीक बाबू , मो.तबरेज आलम , मो मुर्तुजा अली, नूरहोदा बाबू, अशरफ अली, मेराज अली, असलम अंसारी, असगर अंसारी , मंजूर अंसारी , खुरशेद अंसारी , इमरान अंसारी, इरशाद अंसारी , मकसूद सैफी , सभी ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।