तरवारा में 20 साल बाद ढूंढते ढूंढते अंतरराज्यीय गांजा तस्कर उदेश तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची उत्तर प्रदेश की पुलिस

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  • अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट संख्या 16 देवरिया के फाइलों में 20 वर्षों से चल रहा है फरार
  • तलाश करते रही बिहार व उत्तर प्रदेश की पुलिस, अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को लेकिन कहीं नहीं लगा सुराग

✍️परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
शुक्रवार की अल सुबह बिहार के सिवान जिले के जी.बी.नगर थाना परिसर में एक अजीबोगरीब स्थिति तब पैदा हो गई कि जब उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला स्तिथ अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट संख्या 16 के फाइलों में 20 वर्षों से 8/21/22 (एनडीपीएस एक्ट) भारतीय दंड विधान की धारा के आरोपित उदेश तिवारी को देवरिया जनपद के भटनी जीआरपी पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार करने पहुंची।अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवरिया कोर्ट संख्या 16 से निर्गत गिरफ्तारी वारंट जैसे हीं भटनी जीआरपी में तैनात कॉन्स्टेबल श्री परमहंस सिंह द्वारा जी.बी.नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर श्री प्रमोद कुमार सिंह को दी गई तो श्री सिंह ने उसकी गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया।लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।यहां बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के भटनी जीआरपी पुलिस द्वारा सन 2001 स्टेशन परिसर में भारी मात्रा में बिहार से तस्करी वास्ते ले जा रहे लाखों रुपए मूल्य के गांजा के साथ एक व्यक्ति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था।

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इस संदर्भ में भटनी जीआरपी थाना कांड संख्या 196/2001,धारा 8/21/22 (एनडीपीएस एक्ट) भारतीय दंड विधान धारा के अंतर्गत कांड अंकित किया गया था,पकड़ा गया अंतरराज्यीय गांजा तस्कर ने पुलिस के समक्ष अपने नाम का खुलासा उदेश तिवारी पिता,स्वर्गीय धर्मनाथ तिवारी,ग्राम,उड़ियान टोला थाना,जी.बी.नगर जिला सिवान (बिहार) बताया था।जिसके आधार पर पुलिस ने उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवरिया के न्यायालय में प्रस्तुत किया था जहां उसे रिमांड करते हुए न्यायाधीश ने जेल भेज दिया था,लेकिन जमानत पर छूटने के बाद आरोपित उदेश तिवारी जो करीब  20 वर्ष बीत जाने के बाद भी उपरोक्त न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हो सका और न हीं अपने अधिवक्ता के माध्यम से उन्होंने कोर्ट में हाजिरी लगाई,लंबे अरसे बीत जाने के बाद न्यायालय के फाइलों में फरार चल रहे अंतरराज्यीय गांजा तस्कर उदेश तिवारी के विरुद्ध देवरिया न्यायालय द्वारा लाल वारंट निर्गत करते हुए कोर्ट ने फरार चल रहे उदेश तिवारी को गिरफ्तार कर,हर हाल में न्यायालय में उपस्थित कराने का आदेश भटनी जीआरपी पुलिस को दी।

उधर न्यायालय द्वारा जारी लाल वारंट के बाद भटनी जीआरपी के प्रभारी थानाध्यक्ष श्री राजेंद्र पांडे के दिशा निर्देश के आलोक में फरार चल रहे अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार करने वास्ते एक पुलिस टीम का गठन कर सिवान जिले के जी.बी.नगर थाना शुक्रवार की अल सुबह भेजा गया।जहां पुलिस टीम के पहुंचते हीं सिवान जिले के जी.बी नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर श्री प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा एक पुलिस टीम का गठन कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया गया। लेकिन उसके नाम व पता का सही सत्यापन न होने के कारण उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के भटनी जीआरपी पुलिस खाली हाथ अपने बैरन लौट गई। इस संदर्भ में जी.बी.नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर श्री प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय गांजा तस्कर जो अपने गिरफ्तारी के समय भटनी जीआरपी पुलिस को गुमराह करते हुए नाम व पता का गलत दुरुपयोग किया होगा।जिस कारण उसकी तलाश करने में कठिनाई महसूस हो रही है। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की चूक है।उसके गिरफ्तारी के समय पुलिस को उसके नाम व पता का सत्यापन करने के बाद ही कांड अंकित कर न्यायालय में प्रस्तुत कर मामले का अनुसंधान करना चाहिए था।