संतुलित जीवन-शैली स्ट्रोक में लाता है कमी

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90 प्रतिशत स्ट्रोक के मामलों में बचाव संभव

परवेज अख्तर/सीवान:- विश्व स्ट्रोक दिवस पर आम लोगों को मंगलावर को जागरूक किया गया। इसको लेकर जिला अस्पताल सहित अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों ने मरीजों को स्ट्रोक के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्हें स्ट्रोक से बचाव के बारे में जागरूक भी किया गया। सिविल सर्जन डॉ. आशेष कुमार ने बताया स्ट्रोक के उपचार की जगह इससे बचाव पर अधिक बल देने की जरूरत है। स्ट्रोक आने पर दिमाग में खून की सप्लाई रुक जाती है। इससे ब्रेन सेल्स को काफी नुकसान पहुंचता है एवं कभी-कभी तो ब्रेन सेल्स मर भी जाते है। जिससे पैरालिसिस एवं गंभीर स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है। अत्यधिक ध्रुम-पान, शराब का सेवन एवं ख़राब जीवन-शैली स्ट्रोक के कारण होते हैं। संतुलित जीवन-शैली को अपनाकर स्ट्रोक जैसे गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। विगत कुछ सालों में नव-युवक भी स्ट्रोक के शिकार हो रहे हैं। किशोरवस्था बदलाव का समय होता है जिसमें शारीरिक एवं मानसिक विकास काफ़ी तेजी से होता है। इस दौरान ख़राब जीवन-शैली, ध्रुम-पान एवं शराब सेवन जैसी आदतों से बचने की जरूरत होती है। बेहतर जीवन-शैली एवं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर स्ट्रोक से बचा जा सकता है।

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