बेगूसराय: यज्ञ में आई छात्रा पर फिदा हो गया ढोंगी बाबा, कथा वाचिका बनाने के बहाने लेकर हुआ फरार

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बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से छात्रा को लेकर फरार हुए एक ढोंगी साधु को पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। साधु की नजर काफी दिनों से छात्रा पर थी। उसने छात्रा के पिता से कहा था कि उसे मठ के हवाले कर दें और वह उसे कथा वाचिका बनाएगा। परिवार के इनकार के बाद बाबा ने अलग जाल बिछाया और छात्रा को लेकर फरार हो गया। उसे पुलिस ने पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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महंत के तौर पर मशहूर है आरोपित

लगभग एक पखवाड़ा पूर्व अपनी शिष्या संग फरार प्रखंड क्षेत्र के चकदुल्लम बनवारीपुर गांव स्थित शांति गुरुकुल राघवेंद्र आश्रम के संचालक सह महंत रामस्वरूप शरण महाराज के नाम से मशहूर रामाधार चौरसिया को भगवानपुर थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पूर्वी चंपारण जिले के हिन्दू चकिया थाना क्षेत्र के चकिया गांव स्थित सुबोध चौरसिया के घर से गिरफ्तार कर लिया।

छात्रा की मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

शिष्या की मां बनवारीपुर निवासी ने भगवानपुर थाना में रामाधार चौरसिया पर अपनी बेटी को बहला फुसला कर भगा ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि रामाधार चौरसिया ने विगत मार्च महीने में आश्रम में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा ज्ञान यज्ञ के दौरान मुझसे कहा था कि तुम्हारी बेटी मेधावी छात्रा है, इसलिए इसे कथावाचिका बनाने के लिए हमें दे दो। मैं अपनी बेटी को कथावाचिका बनाने के लिए दान देने से इंकार कर दिया। इसके बाद रामाधार ने उनकी बेटी को बहला फुसला कर लेकर फरार हो गया।

छात्रा के साथ किया जबर्दस्‍ती का प्रयास

पीडि़त शिष्या ने कहा कि यज्ञ के दौरान ही बाबा हम पर कथावाचिका बनने के लिए दबाव बनाने लगे। एक दिन दबाव बनाकर हमें पूर्वी चंपारण ले आए और हमारे साथ मारपीट कर जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगे। इधर प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत पुलिस रामाधार की गिरफ्तारी के लिए हाथ पांव मार रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर थाना के एएसआइ आमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल रात्रि में उक्त गांव में छापेमारी कर रंगे हाथ दोनों को गिरफ्तार कर भगवानपुर थाना लाई।

बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से छात्रा को लेकर फरार हुए एक ढोंगी साधु को पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। साधु की नजर काफी दिनों से छात्रा पर थी। उसने छात्रा के पिता से कहा था कि उसे मठ के हवाले कर दें और वह उसे कथा वाचिका बनाएगा। परिवार के इनकार के बाद बाबा ने अलग जाल बिछाया और छात्रा को लेकर फरार हो गया। उसे पुलिस ने पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

महंत के तौर पर मशहूर है आरोपित

लगभग एक पखवाड़ा पूर्व अपनी शिष्या संग फरार प्रखंड क्षेत्र के चकदुल्लम बनवारीपुर गांव स्थित शांति गुरुकुल राघवेंद्र आश्रम के संचालक सह महंत रामस्वरूप शरण महाराज के नाम से मशहूर रामाधार चौरसिया को भगवानपुर थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पूर्वी चंपारण जिले के हिन्दू चकिया थाना क्षेत्र के चकिया गांव स्थित सुबोध चौरसिया के घर से गिरफ्तार कर लिया।

छात्रा की मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

शिष्या की मां बनवारीपुर निवासी ने भगवानपुर थाना में रामाधार चौरसिया पर अपनी बेटी को बहला फुसला कर भगा ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि रामाधार चौरसिया ने विगत मार्च महीने में आश्रम में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा ज्ञान यज्ञ के दौरान मुझसे कहा था कि तुम्हारी बेटी मेधावी छात्रा है, इसलिए इसे कथावाचिका बनाने के लिए हमें दे दो। मैं अपनी बेटी को कथावाचिका बनाने के लिए दान देने से इंकार कर दिया। इसके बाद रामाधार ने उनकी बेटी को बहला फुसला कर लेकर फरार हो गया।

छात्रा के साथ किया जबर्दस्‍ती का प्रयास

पीडि़त शिष्या ने कहा कि यज्ञ के दौरान ही बाबा हम पर कथावाचिका बनने के लिए दबाव बनाने लगे। एक दिन दबाव बनाकर हमें पूर्वी चंपारण ले आए और हमारे साथ मारपीट कर जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगे। इधर प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत पुलिस रामाधार की गिरफ्तारी के लिए हाथ पांव मार रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर थाना के एएसआइ आमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल रात्रि में उक्त गांव में छापेमारी कर रंगे हाथ दोनों को गिरफ्तार कर भगवानपुर थाना लाई।