भगवानपुर हाट: नल जल योजना से लगी पानी टंकी में ब्लास्ट, पेयजल की आपूर्ति बाधित

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परवेज अख्तर (संवाददाता), सिवान: जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड क्षेत्र में नल जल योजना के निर्माण में हुई अनियमितता का पोल धीरे-धीरे खुलने लगी है. आए दिन कही न कही पानी की टंकी ध्वस्त हो जा रही है तो कही पाइप लिकेज से सड़क पर पानी बहने की शिकायत सामने आ रही है. कौड़िया पंचायत के वार्ड 12 में जल मीनार पर लगी पानी टंकी अचानक फट गई है. जिससे जोरों की आवाज आयी. टंकी फटने से बस्ती में पेजयजल की सप्लाई बाधित हो गई है. इस तरह से पानी की सप्लाई बाधित होने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जब से इस वार्ड में नल जल योजना से पानी की सप्लाई शुरू की गई, तब से कभी भी पूरे दिन ठीक से पानी नहीं मिला.

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एक-दो दिन पेयजल आपूर्ति के साथ ही जगह-जगह लीकेज की समस्या आ जाती थी. इसके बाद कई दिन तक पेयजल की आपूर्ति बाधित हो जाती. मरम्मती के बाद जैसे ही पानी की आपूर्ति शुरू होती, पुन: समस्या आने लगती. ग्रामीणों का कहना है कि नल जल योजना में मानक के अनुरूप काम नहीं किया गया है. जल मीनार में उपयोग की गई समाग्री भी मानक के अनुरूप नहीं है. इसी बीच मंगलवार की सुबह अचानक जल मीनार पर रखी गई टंकी फट गई. ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जल्द से जल्द नई टंकी लगाकर पेयजल की आपूर्ति शुरू कराने की मांग प्रशासन से की है. उन्होंने कहा कि अगर पेयजल की सप्लाई जल्द शुरू नहीं की गई तो वे लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे.

इस विषय मे मुखिया पति हीरा लाल मांझी से बात करने पर उन्होंने कहा कि टंकी फटने की घटना सत्य है. जो ब्यक्ति टंकी लगाया है उसे उसको बदलना होगा कारण की गारंटी पीरियड में ऐसा हुआ है. जब बीडीओ डॉ. अभय कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जांच कराकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अब प्रश्न उठता है कि निर्माण के कुछ ही दिनों में जब यह स्थिति है तो आगे क्या होगा. जहां तक टंकी लगाने की बात है तो जिले के कुछ पंचायतों में सीमेंटेड टंकी का निर्माण कराया गया है तो कुछ पंचायतों में लोहे के एंगल पर पानी टंकी लगाई गई है. यह दोहरा मापदंड अपने आप में गड़बड़ी की तरफ इशारा करता है. अगर सीमेंटेड होता तो उसके ब्लास्ट होने की बात नहीं होती. जो जांच का विषय है. इसमें सम्बंधित जेई की भूमिका की जांच होनी चाहिए.