सीवान में बड़ी कार्रवाई : मिर्जापुर हादसा मामले में मानवाधिकार आयोग के समक्ष मामला दर्ज

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परवेज अख्तर/सीवान:- पिछले साल 9 अक्टूबर 2019 को रघुनाथपुर प्रखंड  के मिर्जापुर में हुई ट्रेक्टर ट्राली पर डीजे बांधने के दौरान हुई दुर्घटना में मृतकों को मुआवजा नहीं मिलने पर इसे मानवाधिकार आयोग के समक्ष मामला दर्ज कराया गया है. विदित हो कि मूर्ति विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर की ट्रॉली पर डीजे बांधने के दौरान 11000 केवीए तार के संपर्क में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी. जिनमें प्रदीप साह ग्राम-मिर्जापुर, रघुनाथपुर के मुकेश तुरहा, सिसवां कला के मुन्ना मियां की हुई दर्दनाक मौत एवं घायल पांच व्यक्ति क्रमशः मिर्जापुर के अंकित यादव, प्रिंस प्रसाद, नहरन के मानिकचंद गोड़, मिर्जापुर के सोनू यादव, जय किशुन गोड़ का आपदा के तहत अनुग्रह अनुदान का मामला राज्य सरकार ने लंबित रखते हुए कांग्रेस नेता विजय शंकर दूबे के तारांकित प्रश्न संख्या 490 (28 फरवरी 2020) के उत्तर के क्रम में कहा है कि विद्युत विभाग का कोई दोष नहीं होने के कारण मृतकों के आश्रितों एवं घायलों को कोई भुगतान नहीं किया गया है.

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इस प्रकार इस मामले में राज्य सरकार ने नकारात्मक उत्तर दिया है. इसकी जानकारी मिलने के बाद मृतकों के आश्रित रमावती देवी, मुहर्रम मियां एवं मुन्नी देवी ने युवा नेता ई सत्यम दूबे से संपर्क किया तथा उनकी मदद से बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना के समक्ष सहायता राशि के लिए मामला दर्ज कराई है. उन्होंने बताया की मानवाधिकार आयोग ने पीड़ितों के अभ्यावेदन एवं फरियाद को संज्ञान में लेते हुए सरकार एवं उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से स्पष्टीकरण मांगा है. इस सम्पूर्ण मामले के पैरोकार युवा नेता ई सत्यम दूबे ने कहा कि गुण-दोष पर विवेचना कर पीड़ितों का दावा अस्वीकार नहीं किया जा सकता. इस मामले के लिए मैं सभी आवश्यक जगहों तथा जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाऊंगा.