BIG BREAKING: 40 लाख रु. लूटकांड में आरोपी के घर छापेमारी के बाद दो महिला परिजनों ने की आत्महत्या

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सारण: जिले के भेल्‍दी थाना के एक गांव में मां और बेटी ने एक साथ अपनी जिंदगी खत्‍म कर ली। इस खौफनाक वारदात की वजह जानकर आप हैरान हो सकते हैं।मौके से पुलिस को चार पेज का एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें युवती ने लिखा है कि इज्‍जत से रहने का मौका नहीं मिला, इसलिए वह ऐसा कदम उठा रही है। उसने लिखा है कि उसकी तस्‍वीर को अखबार में नहीं छापा जाए। इस सुसाइड नोट की सत्‍यता की पुष्टि हम नहीं करते हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है। बहरहाल सुसाइड नोट में बहुत कुछ ऐसा लिखा है जिसे पढ़कर आप सोचने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

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40 लाख रुपए की लूट में गिरफ्तार हुआ था भाई

दरअसल इस युवती का भाई जिले के मढ़ौरा में 40 लाख रुपए की लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इसरोली गांव के दो बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने एक एटीएम संचालक से 40 लाख रुपए हथियार दिखाकर लूट लिये थे। लुटेरों की तस्‍वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। लुटेरों की पहचान के बाद पुलिस ने तत्‍काल कार्रवाई कर 10 लाख रुपए बरामद कर लिए। ये रुपए दो स्‍थानों से बरामद किए गए हैं। हालांकि रुपयों की बरामदगी, आरोपितों की गिरफ्तारी और दो लोगों के आत्‍महत्‍या करने पर अ‍भी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी अब तक नहीं दी गई है।

मां और बेटी को गांव में झेलनी पड़ रही थी शर्मिंदगी

बताया जा रहा है कि इस मामले में भेल्दी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक घर के अंदर जमीन में दबाकर रखे गए 6.5 लाख रुपए पुलिस ने बरामद किए थे। पूरे प्रकरण के बाद खुद को शर्मिंदा महसूस करते हुए एक आरोपित की मां और बहन ने मंगलवार की रात अपनी जिंदगी खत्‍म कर ली। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। युवती ने लिखा है कि उसका भाई हमेशा ऐसा नहीं था। गांव की ही एक लड़की के चक्‍कर में पड़कर वह गलत रास्‍ते पर चल निकला। उसे बर्बाद करने में उसकी प्रेमिका के परिवार का पूरा हाथ है।

युवती ने लिखा- भाई को हमेशा रोकता था परिवार

युवती ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि भाई को गलत रास्‍ते पर जाने से उसका परिवार हमेशा रोकता था। वह खुद और माता-पिता भी हमेशा उसे समझाते और डांटते रहे हैं। बावजूद वह अपनी प्रेमिका के पिता के संगत में आकर बिगड़ता चला गया। लड़की ने लिखा कि अपनी प्रेमिका के साथ गांव से भागने के बाद ही भाई ने गलत रास्‍ता पकड़ लिया था। हमारा परिवार इज्‍जत की जिंदगी चाहता था।

भाई की गलती के लिए हम जिम्‍मेदार नहीं

सुसाइड नोट में लिखा है कि इसे जरूर पढ़ना। इसमें लिखा है कि कोई लड़का खराब हो जाए तो उसका जिम्‍मेदार मां-बाप को नहीं मानना चाहिए। उसने लिखा है कि गांव के ही कुछ लोगों ने परिवार को बर्बाद कर दिया। भाई ने भी अपने परिवार का कहा नहीं माना।

कानून केवल पैसे वालों की सुनता है

लड़की ने लिखा है कि उसके और उसके परिवार के दर्द को अधिकारी नहीं समझ सकेंगे, क्‍योंकि कानून केवल सुबूत देखता है और पैसे वालों की सुनता है। हम लोग गरीब जरूर हैं, लेकिन गलत नहीं हैं। पापा कहते हैं कि मर जाना लेकिन गलत मत करना, लेकिन उनका सपना पूरा नहीं हो पाया।

परिवार को नहीं करें परेशान, यही आखिरी इच्‍छा

नोट में लिखा है कि कानून मेरे पिता और परिवार को परेशान नहीं करे, यही मेरी आखिरी इच्‍छा है। हर मरने वाले की आखिरी इच्‍छा जरूरी पूरी की जानी चाहिए। मेरे परिवार का इसमें कोई कसूर नहीं है। मेरे भाई ने पिता को हमेशा केवल आंसू दिया। युवती ने अनुरोध किया है कि उसके मृत शरीर की तस्‍वीर अखबार में नहीं प्रकाशित की जाए। हम पीड़‍ित की भावना का सम्‍मान करते हुए उसकी और पूरे परिवार की पहचान बचाते हुए इसे केवल इसलिए प्रकाशित कर रहे हैं कि समाज ऐसी घटनाओं से सीख ले सके।