बिहार की युवती के साथ चलती ट्रेन में बलात्कार, कोच अटेंडेंट ने दिया घटना को अंजाम

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पटना: भारत की सबसे सुरक्षित और खास ट्रेन माने जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में एक लड़की के साथ रेप की घटना ने सबको हैरान कर दिया है. चलती ट्रेन में एक स्टाफ ने जबरन केबिन में बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया है. इस सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं. बलात्कार की यह घटना 02958 डाउन नई दिल्ली-अहमदाबाद स्वर्णिम जयंती राजधानी एक्सप्रेस में हुई है. बिहार की रहने वाली 17 साल की एक लड़की के साथ चलती ट्रेन में एक स्टाफ ने रेप किया. वारदात को अंजाम देने वाला शख्स और कोई नहीं बल्कि रेलवे को सेवा देने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी का कर्मचारी बताया जा रहा है. इस घटना के बाबत मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के मुंगेर की रहने वाली एक युवती घर से भागकर जयपुर पहुंच गई थी.

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मंगलवार शाम वो पटना जाने के लिए जयपुर स्टेशन पहुंची. रात करीब 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर दिल्ली से अहमदाबाद जा रही राजधानी एक्सप्रेस पहुंची. लड़की ने सुनील नाम के कोच अटेंडेंट से पूछा कि मुझे पटना जाना है, ये ट्रेन कहां जाएगी. तो सुनील ने कहा कि ट्रेन अहमदाबाद जाएगी, पर तुम आ जाओ मैं पटना पहुंचा दूंगा. पीड़िता का कहना है कि सुनील की बातों में आकर वह राजधानी में चढ़ गई. सुनील ने उसे सेकंड एसी के अटेंडेंट केबिन में बैठा दिया. सफर के करीब 20 मिनट बाद ही उसे नींद आ गई. लेकिन जब आधे घंटे बाद युवती की नींद खुली, तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था. बाद में सुनील ने उसे धमकाया और मामले पर चुप रहने के लिए कहा.” सुबह 9 बजे अहमदाबाद स्टेशन पहुंची युवती बाहर ऑटो रिक्शा चालक से पटना जाने के लिए पूछने लगी.

तभी अहमदाबाद आरपीएफ में तैनात दारोगा ऋचा रेपस्वाल अपने स्टाफ के साथ प्लेटफार्म नंबर एक स्थित अपने ऑफिस में जा रही थीं. ऋचा रेपस्वाल इसी राजधानी एक्सप्रेस में एक बैग चोरी की घटना की जानकारी लेकर ऑफिस में लौट रही थीं. लेकिन जब उन्होंने देखा कि नाबालिग बच्ची दो ड्राइवर से बात कर रही है और काफी डरी सहमी सी दिख रही है. ऋचा ने फौरन उस बच्ची से बात की और उसके बारे में पूछा.पीड़िता को दारोगा ऋचा रेपस्वाल अपने साथ लेकर आईं और उन्होंने रेप का मामला दर्ज कराया. ऋचा ने इसकी जानकारी चाइल्डलाइन एनजीओ को भी दी. इसके बाद पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम को एनजीओ के चांसलर को बताया.

उसने बताया कि आखिरकार किस तरीके से आरोपी सुनील ने उसके साथ कुकर्म की घटना को अंजाम दिया. पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद रेल विभाग में हलचल मच गई. पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन के एक बयान में कहा गया है कि आरोपी स्टाफ रेलवे कर्मचारी नहीं है बल्कि ऑन-बोर्ड अटेंडेंट प्रदान करने के लिए अनुबंधित एजेंसी से है. ओरिएंटल एजेंसी के ठेकेदार वर्तमान में मंडल में 20 विभिन्न ट्रेनों में सेवारत 35 कर्मियों को प्रदान करते हैं. वरिष्ठ पीआरओ जेके जयंत ने आगे कहा कि डब्ल्यूआर मुख्यालय से उचित कार्रवाई का आदेश दिया गया है. एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और रेलवे में कहीं भी अनुबंध के लिए आवेदन करने से रोकने की प्रक्रिया चल रही है.”