बिहार सरकार ने 72 हाईस्कूलों के शिक्षकों की सैलरी में किया इजाफा, जानें कब से और कितना होगा फायदा

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पटना: बिहार के 72 गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को 1 अप्रैल 2020 को देय पुनरीक्षित मूल वेतन में 15 फीसदी की वृद्धि की गयी है। साथ ही इस कोटि के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को 1 अक्टूबर 2020 के प्रभाव से ही ईपीएफ स्कीम से आच्छादित किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने बुधवार को इसको लेकर संकल्प जारी किया, सैद्धांतिक और नीतिगत तौर पर पहले ही इसे मंजूरी दे दी गयी थी। इसका लाभ 27 मई 2011 के बाद नियुक्त एवं कार्यरत माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षषकों को मिलेगा।

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गौरतलब है कि राज्य में गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 72 हैं, जबकि इनमें शिक्षकों के स्वीकृत पद 1050 हैं। इनमें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक मंडल के अनुरूप स्वीकृत पद पर नियोजित शिक्षकों को राज्य सरकार स्वीकृत दर के अनुरूप उनके वेतनादि भुगतान पर होने वाले व्यय के लिए हर वर्ष सहायक अनुदान देती है। संकल्प में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त के निर्धारण के लिए गठित कमेटी ने 15 मई 2017 को अपनी बैठक में नियोजित शिक्षकों के लिए पुनरीक्षित वेतनमान देने की अनुशंसा की थी।

इसके आलोक में इन्हें पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है। इसी के आलोक में गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान के समतुल्य वेयनमान देने की अनुशंसा पे-मेट्रिक्स के अनुरूप मूल वेतन निर्धारण कर की गई है। इन शिक्षकों के लिए 18 इंडेक्स निर्धारित किए गए हैं। ऐसे शिक्षकों का वेतनमान पहले 5200-20200 तक था। अब इन्हें 20560 से 34080 रुपए तक मिल सकेंगे।