ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगवा आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

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परवेज अख्तर/सिवान : विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को पूरे जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने रेल चक्का जाम कर अपनी ताकत दिखाई। आशा कार्यकर्ताओं को एपवा का भी समर्थन प्राप्त था। आशा संयुक्त मंच, संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अनिश्चित कालीन हड़ताल के समर्थन में आशा कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से मार्च निकाला जो शहर के मुख्य पथ होते हुए जंक्शन पहुंचा। यहां पूर्व से ही रेलवे प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की गई थी लेकिन आशा कार्यकर्ताओं के आगे उनकी एक ना चली। आशा कार्यकर्ताएं जंक्शन के अंदर प्रवेश कर गईं और यहां आम सभा किया। इसके बाद जैसे ही उन्हें डाउन आम्रपाली के आने की सूचना मिली रेल चक्का जाम करने के लिए सभी कार्यकर्ता प्लेटफॉर्म संख्या एक के ट्रैक पर उतर गईं और ट्रेन के इंजन के आगे खड़ी होकर प्रदर्शन करने लगीं। इधर रेल चक्का जाम की सूचना पर पहले से जंक्शन के बाहर आरपीएफ प्रभारी अजय कुमार सिंह,जीआरपी प्रभारी नंदकिशोर सिंह, महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह, नगर थाना के एएसआई, महिला बल व पुलिस लाइन से जवान तैनात थे। जवानों के आगे आशा कार्यकर्ताओं की संख्या कम थी लेकिन प्रदर्शनकारियों के आगे इनकी एक ना चली। लगभग 40 मिनट तक ट्रैक को जाम कर आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। आरपीएफ, महिला थाना व नगर थाना के प्रभारी द्वारा बार बार समझाने के बाद भी ट्रैक से कार्यकर्ताएं नहीं हटीं। करीब 1:20 में प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने ट्रैक को खाली किया, इसके बाद 1:26 ट्रेन को अगले स्टेशन के लिए बढ़ाया गया। इधर सभा को संबोधित करते हुए मोर्चा की जिलाध्यक्ष मालती राम ने कहा कि आशा बहनों की सभी मांगे जायज है, लेकिन दिल्ली व पटना में बैठे राजा कान में तेल डालकर सो रहे हैं। देश की सरकार ने तीन सौ 35 करोड़ का बड़ा कर्ज पूंजीपतियों की माफ कर दिया, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं को देने के लिए सरकारी खजाना खाली है। सभा को सोहीला गुप्ता ने भी संबोधित किया।

आरपीएफ में हुआ मामला दर्ज

आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं के द्वारा रेल परिचालन बाधित करने पर तीन नामजद व 150 अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है। नामजद में मालती राम, सोहिला गुप्ता व जयकरन महतो शामिल है।

दारौंदा में स्वास्थ्य कर्मियों ने ट्रेन रोकर किया प्रदर्शन

बिहार चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले में स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा संयुक्त संघर्ष मंच के तहत आशा कार्यकर्ताओं के साथ वैक्सीन कुरियर ने दारौंदा स्टेशन पर ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वाले 1 घंटे तक दारौंदा स्टेशन पर जमे रहे। प्रदर्शनकारी पहले रेलवे लाइन पर और अप छपरा – गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन के सामने भी प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय मंत्री दीनानाथ शर्मा, रामनगीना चौधरी, वैध प्रसाद, कुरियर संघर्ष समिति के राज्यमंत्री विजय सिंह ने कहा कि 29 दिसंबर को राज्य स्वास्थ्य समिति का घेराव किया जाएगा। आगामी 2 से 7 जनवरी तक पीएचसी का घेराव किया जाएगा। आगामी 8 और 9 जनवरी को जिला समाहर्ता का घेराव किया जाएगा। यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता को सरकारी सेवक घोषित कर उन्हें 18 हजार का मासिक वेतन दिया जाए। समान कार्य का समान वेतन का लाभ दिया जाए। वैक्सीन कुरियर को विगत 15 वर्षों से दिए जा रहे 75 रुपया की जगह 350 रुपया प्रति बॉक्स का भुगतान दिया जाए। । वैक्सीन कुरियर को सामाजिक सुरक्षा के तहत 4 लाख का अनुदान देना सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी, कांति देवी, नूरजहाँ बेगम, लालसा देवी, मालती कुंवर, जामदा खातून, लीलावती देवी, रानी देवी, गंगा देवी, उमा देवी, जुलेखा देवी, रूबी देवी, कुसुम देवी, अंजू देवी, बुच्ची देवी, कुंती देवी, अमृता देवी, मीना देवी, ममता देवी, प्रियंका गिरि, अनिल श्रीवास्तव, राजेंद्र राम, शिव सागर राम उपस्थित थे।