पेयजल योजना की मॉनिटरिंग के लिए बनेगा कॉल सेंटर

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परवेज अख्तर/सीवान:
पंचायती राज विभाग से योजनाओं की रखरखाव और योजनाएं प्रतिदिन संचालित हो इसके लिए आइटी आधारित व्यवस्था को लागू करने को लेकर जिले में कॉल सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। सूत्रों की मानें तो सरकार ग्रामीणों तक संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर नई रणनीति के तहत काम करेगी। इसी के मद्देनजर पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचित अमृत लाल मीणा ने मुख्यमंत्री पेयजल मिशन योजना के अंतर्गत पेयजल स्कीम का सफल संचालन सुनिश्चित कराने को लेकर जिला पदाधिकारी को पत्र भेजा है। इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पर्व को लेकर छुट्टी के कारण कार्यालय में अभी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के पश्चात इस संबंध में अग्रतर निर्णय लिया जाएगा।

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जिलास्तर पर होगी कॉल सेंटर की व्यवस्था

योजनाओं के रखरखाव और योजनाएं प्रतिदिन संचालित हो, इसके लिए आइओटी आधारित व्यवस्था को लागू करने को ले कॉल सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अनुरक्षक की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण, पंचायत स्तर पर कुशल कारीगरों की व्यवस्था, सभी पंचायतों में इस योजना के रखरखाव की जानकारी रखने वाले कुशल मिस्त्री को चिह्नित कर उनके दूरभाष संख्या को आम लोगों की जानकारी के लिए उपलब्ध कराने, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवा लेकर रखरखाव को तुरंत बहाल करने का निर्देश विभाग द्वारा दी गई है। पेयजल योजना की मरम्मत सामग्री जैसे टेप, लीकेज व अन्य मरम्मत सामग्री को पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने व बिजली उपकरणों, मोटर आदि के क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है।

लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई

सात निश्चय योजना के तहत संचालित हर घर नल का जल योजना में तैनात कर्मी अगर अपने दायित्वों के निर्वहन में चूक करते पाए जाते हैं तो वैसे कर्मियों को चिह्नित करते हुए विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन पंचायतों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं का रखरखाव ठीक ढंग से नहीं होता है, तो वहां के मुखिया को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने और ऐसे वार्ड सदस्य तथा वार्ड सचिव, अनुरक्षक आदि पर भी विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश विभाग के द्वारा जिला प्रशासन को दिया गया है। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का अनुश्रवण प्रखंड स्तर पर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों के माध्यम से कराने की भी बातें कही गई है।