कैश वैन लूट मामला: लुटेरा निकला घर का ‘चिराग’, सदमें में मां और बहन ने मौत को लगाया गले

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सारण: जिले के मढ़ौरा के इसरौली पेट्रोल पंप के पास सोमवार को बाइक सवार पांच अपराधियों ने हथियार के बल पर कैशवैन से 40 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान युवक ने लूटकांड में शामिल अपने दूसरे साथी का नाम बताया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची। इस बीच युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार युवक के घर से लूट के छह लाख रुपए भी बरामद हुए थे। बुधवार को आरोपी की मां और बहन ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उन्होंने खुदखुशी कर ली है। वे अपने बेटे और भाई की गिरफ्तारी से सदमें में थीं।

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आरोपी की बहन रूपा कुमारी ने मौत को गले लगाने से पहले सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमें उसने पुलिसवालों से कहा है कि आप लोग नहीं समझेंगे क्योंकि कानून सिर्फ पैसे वालों की बात सुनते हैं। मेरे मां-बापा हमेशा से चाहते थे कि उनका बेटा और बेटी भविष्य में कुछ अच्छा काम करें लेकिन अफसोस उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। हम लोग गरीब जरूर हैं लेकिन गलत नहीं है और मेरे पापा हमेशा से हम सबको एक ही बात समझाते हैं कि बेटा मर जाना मगर कभी गलती ना करना। मेरे पापा बहुत बदनसीब हैं मेरे पापा का सपना पूरा ना हो सका।

बहन ने सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि मेरे पापा को गलत ना समझें। प्लीज प्लीज प्लीज मेरे पापा खुद हमेशा सोनू से इस सब के कारण नाराज रहते थे। इसमें उसका भी कोई कसूर नहीं है जब वह सही था तब उसे विनोद पांडे की बेटी ने अपने प्यार के जाल में फंसा लिया और उसे अपने साथ भागने को मजबूर कर दिया। तब सोनू उस समय तो चला गया लेकिन उसके बाद हम लोगों की इज्जत का कचरा किया। विनोद के पूरे परिवार के कारण वह और बिगड़ गया। पापा हम आप की यह हालत नहीं देख सकते। हम कभी नहीं सोचे थे कि कोई आप पर ऐसे हाथ उठाए पर ऐसा हुआ। पुलिस किसी का दर्द नहीं समझती।

मृतका ने नोट में पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि हम लोग इज्जत की जिंदगी जीना चाहते थे मगर ऐसा नसीब नहीं हुआ। कुछ गांव वालों ने हम लोगों को बर्बाद कर दिए तो कुछ सोनू ने। हर मां बाप का सपना होता है कि उनकी औलाद सही हो मगर ऐसा मेरे मम्मी पापा की किस्मत में ना था। अतः श्रीमान से निवेदन है कि वह हमारे मृत शरीर को अखबार में ना डालें। अगर कोई गलती करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके मां-बाप को सजा दी जाए। हम लोग अक्सर सोनू को समझाते रहे लेकिन वह नहीं माना। मेरे मां-पापा का और मेरे पूरे परिवार का कोई दोष नहीं है सो प्लीज आप लोग और आपका यह समाज मेरे बाकी के परिवार को कष्ट ना पहुंचाएं।