चिमनी फायरिंग कांड: कहीं सफेदपोशों के यहां तो शरण नहीं ले रखे हैं आरोपित

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  • लालगढ़ हरिहरपुर में ईंट-भट्ठे के विवाद में जमकर चली थी गोली
  • 5 लोग हुए थे सदीद तौर पर जख्मी
  • दर्ज कांड के एक आरोपित को सब इंस्पेक्टर कंचन कुमारी ने गिरफ्तार कर भेजा है जेल, बाकी सब है फरार
  • सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.
  • देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।

✍️परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ: यह उक्त पंक्तियां गौतम बुद्ध नगर थाना क्षेत्र के लालगढ़ हरिहरपुर गांव में रविवार को पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे एक ईंट भट्ठे के विवाद को लेकर हुई गोलीबारी व सफेदपोशों के यहां शरण लेने की उड़ रही अफवाह पर सटीक बैठ रही है।इस गोलीबारी में खुश मोहम्मद के 3 पुत्र क्रमशः फतेह आलम,शाहीम आलम,मोहम्मद रहीम,लाल मोहम्मद का पुत्र सलीम मियां एवं रामदयाल यादव का पुत्र सुरेश यादव जो सदीद तौर जख्मी हुए हैं।सिवान सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद कई घायलों को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया है।जहां वे इलाजरत है।इस घटना को लेकर स्थानीय गौतम बुद्ध नगर थाने घायल फतेह आलम के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं के अंतर्गत थाना कांड संख्या 148/ 22 दर्ज कर अपनी अनुसंधान को प्रारंभ किया है, इसी कड़ी में दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर कंचन कुमारी ने दर्ज कांड के एक आरोपित सह उक्त घटित घटना का लाइनर उपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर सोमवार को माननीय सिवान न्यायालय में प्रस्तुत किया।

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pervej akhtar siwan online
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जहां सारा कागजी कोरम को पूरा करने के बाद न्यायाधीश ने उन्हें जेल की हवा खिला दी।कुल 8 नामजद आरोपियों में से पुलिस एक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।इसके अलावा अन्य सभी आरोपित फरार चल रहे हैं।जबकि पुलिस ने अपने अनुसंधान के क्रम में अज्ञात लोगों को चिन्हित करने में जुटी हुई है।ताकि उन्हें भी वरीय पुलिस पदाधिकारी के सुपर विजन में अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया जा सके।यहां बताते चलें दर्ज प्राथमिकी में लालगढ़ हरिहरपुर गांव के आसपास के इलाकों में धोती वाला चर्चित हृदयानंद सिंह,भानु प्रताप सिंह,कई मामलों का वांछित सह शराब माफिया कामता प्रसाद सिंह उर्फ भूटूर सिंह,पिंकू सिंह,अनिल सिंह,निलेश सिंह,मुकेश सिंह,उपेंद्र सिंह तथा कुल आठ 10 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है।यहां बताते चलें कि लालगढ़ हरिहरपुर गांव अवस्थित चिमनी का विवाद जो फतेह आलम और भानु प्रताप सिंह के बीच वर्षों से चलते आ रहा था।

इसी बीच फतेह आलम द्वारा न्याय की भीख मांगने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहा,परंतु उसकी सुध शासन और प्रशासन किसी ने नहीं ली।यहां तक की फतेह आलम पटना तक के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों के यहां भी न्याय की फरियाद के लिए अपना माथा टेकता रहा लेकिन उसकी कहीं भी नहीं सुनी गई और सुशासन सरकार की राग अलापने वाली सिवान पुलिस से सिर्फ उसे आश्वासन हीं हाथ लगा।कई ग्रामीणों ने दबी जुबान से इस बात को स्वीकार कर कहा कि कई बड़े-बड़े सफेदपोशों के प्रभाव में आकर जी.बी.नगर थाने के पूर्व के पुलिस पदाधिकारी उन्हें न्याय नहीं दे सके।ग्रामीण बताते हैं कि चिमनी का विवाद 3 माह पूर्व जब अपने उरूज पर था तो दर्ज कांड के आरोपित भानु प्रताप सिंह तथा शराब माफिया कामता प्रसाद सिंह उर्फ भूटूर सिंह थाने में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी के समक्ष कुर्सी पर बैठते थे,जबकि न्याय की भीख मांगने के लिए फतेह आलम थाने का चक्कर काटते काटते तरवारा बाजार की सड़कों पर मूर्छित हो जाता था,उल्लेखनीय हो कि ” जब खुदा हीं अपने रूठे हों तो दिल की जलन का क्या होगा, और जब बाग का माली दुश्मन हो तो अहले चमन का क्या होगा “!

यहां बताते चले कि अगर पूर्व के थाने में पदस्थापित,पुलिस पदाधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते तो शायद रविवार को लालगढ़ हरिहरपुर गांव में उक्त घटना घटित नहीं होती और गांव में पुलिस कि वाहन सड़कों पर सरपट नहीं दौड़ती।बहरहाल मामला चाहे जो हो लालगढ़ हरिहरपुर गांव की घटना को लेकर फतेह आलम के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बारीकी पूर्वक अपनी अनुसंधान प्रारंभ कर दी है।उधर एसपी श्री शैलेश कुमार सिन्हा के दिशा निर्देश के आलोक में गठित पुलिस टीम ने जी.बी.नगर थाना तथा बड़हरिया थाना क्षेत्र के कई गांव के संदिग्ध ठिकानों पर रविवार की रात से लेकर मध्य रात्रि तक इंस्पेक्टर श्री अखिलेश कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई कई घरों की तलाशी भी ली गई लेकिन पुलिस को कुछ भी सफलता हाथ नहीं लगी।

जिस कारण पुलिस अपने बैरंग लौट आई।इस संदर्भ में दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर कंचन कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने इस मसले पर अनुसंधान प्रभावित होने का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से साफ साफ इंकार किया है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के मार्गदर्शन पर अनुसंधान प्रारंभ है।आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है,जल्द हीं सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा,गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त कर 82 की प्रक्रिया होने के बाद 83 का आदेश प्राप्त कर,कुर्की जब्ती का तामिला किया जाएगा।