रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर करें कोरोना से मुकाबला, विटामिन-सी और विटामिन-डी का करें सेवन

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  • हरी पत्तेदार सब्जियों में मिलता है विटामिन सी
  • टमाटर व कच्चा लहसुन भी प्रतिरोधक क्षमता के विकास में सहायक
  • गर्भवती, बुजुर्ग, दस वर्ष से कम आयु के बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत

छपरा: जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन संक्रमितों की आंकड़ा में कमी आयी है। कोरोना से संक्रमित होने वाले व्यक्ति जल्द स्वस्थ्य भी हो रहे है। लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना आवश्यक है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक दूरी व मास्क के साथ पौष्टिक भोजन सबसे ज्यादा आवश्यक है। पौष्टिक भोजन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के गाइडलाइंस के अनुसार भोजन में विटामिन सी को शामिल करके लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। गर्भवती एवं गर्भ में पल रहे बच्चे, बुजुर्ग, दस वर्ष से कम आयु के बच्चों, गंभीर बीमारियों के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इनको कोरोना अपनी चपेट में आसानी ले सकता है। इन सभी को कैल्शियम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन युक्त भोजन करना चाहिए। इसके अलावा भोजन में फलों को शामिल करना चाहिए।

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मानसिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक कोविड19 का कोई कारगर इलाज नहीं मिल पाया है, ऐसे में हम अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर इससे मुकाबला तो कर ही सकते हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने पर किसी भी बीमारी से लड़ने की क्षमता मानसिक रूप से स्वत: विकसित हो जाती है। कोविड19 के मामले में लोगों का जितना शारीरिक रूप से ताकतवर (रोग प्रतिरोधक क्षमता) होना जरूरी है उतना ही मानसिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी है।

आयुर्वेदिक पद्धतियां अपनाकर रहे स्वस्थ

कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक पद्धतियां अपनाकर हम खुद को स्वस्थ रखेंगे तो कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर भी उससे आसानी से लड़ा जा सकता है। निश्चित तौर पर इन दिशा निर्देशों का पालन कर हर कोई आने वाले खतरे से बच सकता है। आयुष मंत्रालय के सुझाव को अपने जीवन में अवश्य उतारें। साथ ही लोगों को भी इन दिशा-निर्देशों का पालन करने का सुझाव दें।

  • ऐसे कर सकते हैं अपना बचाव
  • प्रतिदिन गर्म पानी का सेवन करें।
  • हल्दी, जीरा, लहसुन और धनिए का खाने में इस्तेमाल करें।
  • 10 ग्राम च्वयनप्राश सुबह और शाम लें। मधुमेह होने पर शुगर फ्री च्वयनप्राश ले सकते हैं।
  • दिन में एक या दो बार 150 एमएल गर्म दूध में आधी चम्मच हल्दी डालकर लें।
  • नारियल का तेल या देशी घी सुबह और शाम नाक में डालें।
  • एक चम्मच नारियल तेल मुंह में रखें, इसे पीना नहीं है। 2 से 3 मिनट बाद इसे गर्म पानी के साथ बाहर निकाल देना है।
  • कफ या गले में खराश होने पर लौंग पाउडर के साथ शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार ले सकते हैं।

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