सुपोषित समाज के निर्माण के लिए पोषण अभियान में सामुदायिक सहभागिता जरूरी: डीएम

0
  • डीएम ने किया पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ
  • जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
  • पोषण के पांच सूत्रों से कुपोषण पर लगेगा लगाम
  • पोषण परामर्श केंद्र का हुआ शुभारंभ
  • जिले में 16 से 31 मार्च तक चलेगा पखवाड़ा

छपरा: कुपोषण को जड़ से मिटाने व सुपोषित समाज के निर्माण में समुदायिक सहभागिता बहुत जरूरी है। उक्त बातें जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ करते हुए कही। उन्होने कहा पोषण पखवाड़ा एक बेहतर अवसर है जब हम सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को पोषण पर जागरूक कर सकते हैं। महिला व युवतियों में होने वाले एनीमिया के साथ-साथ बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये उचित पोषक आहार का सेवन जरूरी है। डीएम ने कहा अगर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सही पोषण मिले तो उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है। साथ ही एनीमिया की समस्या को कम करने के लिहाज से उचित पोषण का विशेष महत्व है| पोषण पखवाड़ा के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न गतिविधियों में माध्यम से पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान संचालित किया जाता है। वहीं इस मौके पर जिलाधिकारी के द्वारा पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जागरूकता रथ (ई-रिक्शा) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ सदर प्रखंड के विभिन्न गांवो में जाकर आमजनों को पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश देगा। 31 मार्च तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

पोषण परामर्श केंद्र की हुई शुरुआत

पोषण पखवाड़े के उद्घाटन के साथ-साथ जिला पदाधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे ने पोषण परामर्श केंद्र का भी शुभारंभ किया। इस केंद्र पर लोगों को पोषण सम्बन्धी विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसमें महिलाओं और शिशुओं के सही समय में सही पोषण दिए जाने की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा परामर्श केंद्र में लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं कन्या उत्थान योजना की भी जानकारी दी जाएगी ताकि सभी लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

पोषण के पांच सूत्रों से सुपोषित समाज का होगा निर्माण

जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा पोषण के पांच सूत्र प्रथम 1000 दिन, एनीमिया व डायरिया से बचाव, स्वच्छता, हाथों की सफाई व पौष्टिक आहार आदि के बारे में गर्भवती महिलाओं धात्री महिलाओं को जागरूक करें। साथ ही प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात देखभाल, जन्म से 3 वर्ष तक के बच्चों के उपरी आहार एवं स्तनपान एवं परामर्श, व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथों की सफाई, खानपान, आहार विविधता, विभिन्न खाद्य समूहों पर परामर्श देने की बात कही। इस मौके पर जिलाधिकारी ने बच्चों का अन्नप्राशन तथा गर्भवती महिलाओं का गोदभराई का रस्म अदा की।

पोषण मेला का किया अवलोकन

इस दौरान समाहरणालय परिसर में आईसीडीएस के द्वारा लगाये पोषण मेला का भी जिलाधिकारी के द्वारा अवलोकन किया गया। इस मेले में पोषण प्रदर्शनी लगाया गया था। जिसमें फल-सब्जी, खीर, साग इत्यादि का प्रदर्शनी लगाया गया था। इस मौके पर एडीएम डॉ. गगन, सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार, एडीएम विभागीय जांच भरत भूषण, ओएसडी रजनीश कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बंदना पांडेय, डीपीएम अरविन्द कुमार, सदर शहरी क्षेत्र के सीडीपीओ कुमारी उर्वशी, सिद्धार्थ सिंह, आरती कुमारी, यूनिसेफ के एसएमसी आरती त्रिपाठी, मांझी सीडीपीओ देवमनी, जलालपुर सीडीपीओ प्रतिमा कुमारी, गड़खा सीडीपीओ अनुप्रिया, मशरक सीडीपीओ शशि कुमारी समेत सदर परियोजना के सेविका व महिला सुपरवाइजर उपस्थित थी।