बिहार के सरकारी अस्पतालों में रूई-सुई नहीं रहने की शिकायत होगी दूर, जरूरी उपकरणों की सूची को मिली स्वीकृति

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पटना: बिहार के सरकारी अस्पतालों के लिए आवश्यक उपकरणों की सूची की स्वीकृति मिल गई है। सूबे के मेडिकल इतिहास में पहली बार आवश्यक उपकरमों की मंजूरी दी गई। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि सूबे के अस्पतालों में चिकित्सकीय व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरणों की सूची जारी कर दी गई है। यह पहला मौका है जब सर्जरी सहित अन्य कार्यों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में सूची जारी की गई है। जारी सूची में विविध प्रकार के 291 उपकरण शामिल हैं।

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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के अस्पतालों को कोटि के अनुसार लोगों के इलाज के लिए उपकरण अब उपलब्ध मिलेंगे। पीड़ित मानवता की सेवा की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का यह ऐतिहासिक कदम है। इससे अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की गति बढ़ेगी और मरीजों को इससे लाभ मिलेगा। उपकरणों की उपलब्धता से अब चिकित्सकों को किसी भी प्रकार के ऑपरेशन के लिए मरीजों से उपकरणों के लिए याचना नहीं करनी होगी और न ही रोगी को बाजार से उपकरणों की खरीद करनी होगी।

मंगल पांडेय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जारी आवश्यक उपकरणों की सूची में हाइड्रोलिक ऑपरेशन टेबुल, ब्लड बैंक रेफ्रिजेटर, डायथर्मी मशीन, डेंटल चेयर, एयर कंडिशनर, व्हील चेयर, नेडल होल्डर, ऑक्सिजन सिलेंडर, इंस्ट्रुमेंट ट्राली, सर्जिकल ब्लेड, सर्जिकल कीडनी ट्रे, नाना प्रकार और आकार के कैथेटर, सर्जन के लिए फेस मास्क, एक्स-रे प्रोटेक्शन स्क्रीन, वैक्सीन केरियर, रूम हीटर, कर्मियों के कुर्सी, टेबुल, अलमीरा और पर्याप्त मात्रा में रूई और सूई शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों की स्थिति में सुधार के प्रयास निरंतर जारी हैं और इसमें उपकरणों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग का यह महत्वपूर्ण कदम है।