कोरोना संक्रमण के बीच सदर अस्पताल में कम हुई एआरवी की खपत: एसरारुल हक

0

परवेज़ अख्तर/सिवान:
कोरोना महामारी के बीच सदर अस्पताल में कुत्ते के काटने के मामलों में कमी आई है। ऐसा इस लिए क्योंकि मार्च के पूर्व जहां प्रतिदिन करीब 350 मरीज एआरवी के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या प्रतिदिन 80 से 90 तक सिमट गई है। इस समय सड़कों पर कुत्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि इस समय को देखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने अपने यहां एआवी का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कर रखा है। वैक्सीन लेने वालों की कमी के कारण अब मरीजों को एक ही दिन में वैक्सीन उपलब्ध हो जा रही है। पहले एक वैक्सीन के लिए सप्ताह भर सदर अस्पताल में चक्कर लगाना पड़ता था।विभागीय जानकारी के अनुसार मार्च के पूर्व हर माह औसतन दो हजार से ज्यादा लोग कुत्ते-बंदर के काटने का शिकार बनते थे। एआरवी के लिए कक्ष के बाहर लंबी कतार लगी रहती थी। लेकिन अभी के समय खपत कम होने से शुक्रवार को 37 नया व 43 पुराना मरीज थे। बता दें कि बाजार में एआरवी की कीमत तीन सौ रुपए से ज्यादा है। सदर अस्पताल में यह मुफ्त है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal

ओपीडी में होता था हंगामा

बता दें कि सदर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन के समाप्त होने पर पीड़ितों द्वारा अक्सर ओपीडी में हंगामा किया जाता था। मरीजों के आने जाने वाले रास्ते को बाधित कर हंगामा किया जाता था। सूचना पर पुलिस को पहुंच कर मामले को समाप्त करना पड़ता था।

कहते हैं अधिकारी

कोरोना महामारी के बीच जिला में कुत्ते के काटने के मामले कम हुए हैं। अस्पताल में भी एंटी रेबीज वैक्सीन का पूरा स्टॉक है।

एसरारुल हक

सदर अस्पताल प्रबंधक।