एक फीट जमीन के लिए चचेरे भाई की हत्या

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परवेज अख्तर/सिवान :- जिले के दरौली थाना क्षेत्र के कन्हौली के टोला मंगरैली में दो पट्टीदारों के बीच जमीन विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी। मृतक लक्ष्मण राम का 25 वर्षीय पुत्र विनोद राम था। हत्या का कारण एक फीट पुश्तैनी जमीन का विवाद है जिसपर 15 मई से घर बनाने का काम शुरू हुआ था। मृतक के भाई मनोज राम ने बताया कि शनिवार की रात विनोद रात के करीब दस बजे परिजनों के साथ घर की नींव पर खाट लगा बैठा था। इसी दौरान जमीन के बंटवारे से नाराज चल रहे मृतक के चचेरे भाई व परिजन उसके साथ तू-तू मैं-मैं करने लगे। बात बढ़ने पर चचेरे भाइयों व उनके परिजनों ने लाठी- डंडे व ईंट से पीट-पीटकर विनोद राम को बुरी तरह घायल कर दिया। इस घटना में उसका सिर लहुलुहान हो गया। पिटाई से विनोद बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद भी सभी उसके सीने पर ईंट से मारते रहे। लगा कि उसकी मौत हो गई है तो सभी वहां से भाग निकले। घायल को परिजन आनन-फानन में लेकर मैरवा रेफरल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने पर वहां के डॉक्टर ने विनोद को मृत घोषित कर दिया।

इधर, गांव में विनोद राम का शव पहुंचते ही परिजन शव से लिपट कर रो पड़े। परिजनों के विलाप से गांव में सन्नाटा छा गया। रविवार की सुबह पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी हुई दरवाजे पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि विनोद मिलनसार स्वभाव का था। परिवार की स्थिति ठीक नहीं होने से गांव में टेंट व आटा चक्की में काम कर परिवार का सहयोग करता था।

हमारा करेजा के टुकड़ा के मुआ देहलस रे दादा…

विनोद राम का शव घर पहुंचते ही उसकी मां छाती पीट-पीट कर रोने लगी। वह बार-बार रोते हुए बस यही कहे जा रही थी कि हमारा करेजा के टुकड़ा के मुआ देहलस रे दादा…। विनोद की मां मीरा देवी छोटे बेटे की मौत की खबर पाकर बेहोश हो रही थी। जमीनो ले लेहलस अवरु हमरा सोना के कूच-कूच के मुआ दे हलस रे दादा कहते-कहते वह बेहोश हो रही थी। उसकी बात सुनकर दूसरों की भी आंखें नम हो रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि विनोद की पिटाई के दौरान परिजनों ने उसकी मां को भी बुरी तरह से पीटा था। उसे इलाज के लिए पीएचसी ले जाया गया।

मार्किंग से खुश नहीं थे आरोपित

मृतक विनोद राम के भाई मनोज राम ने बताया कि 15 मई से घर बनाने का काम शुरू हुआ था। चचेरे भाई व उसके परिजन मकान बनाने से रोक रहे थे। पंचायती के बाद पांच दिन तक ही काम हुआ। लेकिन बाद में फिर रोक दिया गया। शनिवार को पंचायती हुई तो पंचों ने जमीन का बंटवारा कर मार्किंग करने के बाद खूंटा लगा दिया। इसपर नींव की खुदाई शुरू हो गई। इस बीच शाम हो गई। चचेरा भाई व उसके घरवाले मार्किंग से खुश नहीं थे। इसी बात को ले अनिल राम, महेश राम, उमेश राम , सविंदर राम, सुनील राम व उसकी बहन से कहासुनी होने लगी। बाद में विवाद बढ़ने पर हत्या की घटना को अंजाम दे दिया गया।