दरौंदा: वैक्सीन नहीं मिलने के कारण वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी

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  • विभागीय उदासीनता से दूर होता जा रहा लक्ष्य
  • कम मात्रा में वैक्सीन मिलने से हो रही परेशानी

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के दरौंदा प्रखंड में वैक्सीन की उपलब्धता कम होने के कारण वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रखंड में वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित लक्ष्य भी विभागीय उदासीनता के कारण दूर होता जा रहा है। विभाग ने छह माह में दरौंदा प्रखंड में वैक्सीनेशन के लिए एक लाख एक हजार 901 का लक्ष्य रखा है। तीन माह गुजर जाने तक महज 37 हजार 64 लोगों को ही वैक्सीन लग सका है। वैक्सीन लगाने के लिए प्रखंड के सभी 17 पंचायत में कैम्प लगाए गए। पंचायतों के अलग-अलग गांव में कैम्प लगाए गए। ताकि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाया जा सके। सभी कैम्प सरकारी भवनों में लगाए गए हैं। 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए जबतक वैक्सीन लग रहा था। तब तक सब कुछ सामान्य ढंग से चल रहा था। लेकिन जैसे ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने का सिलसिला शुरू हुआ।

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वैक्सिनेशन के लिए की गई व्यवस्था कुव्यवस्था में बदल गई। सभी कैम्प में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वैक्सीन की उपलब्धता कम और कैम्प में वैक्सीन लेने वाले अधिक पहुंचने लगे। किसी-किसी कैम्प में ग्रामीणों के बीच हाथापाई व मारपीट भी हुई। करीब एक माह से जितने भी कैम्प लगे सभी में भगदड़ जैसी स्थिति रही। इसका मुख्य कारण कम मात्रा में वैक्सीन की उपलब्धता रही। कम मात्रा के साथ वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण कई दिन वैक्सीनेशन सेंटर का काम भी ठप रहा। स्थिति यही रही तो निर्धारित समय के अंदर लक्ष्य हासिल कर पाना असंभव लग रहा है। इस संबंध में हेल्थ मैनेजर जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कम मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध होने के कारण वैक्सीनेशन का काम प्रभावित हो रहा है। यदि पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध होने लगे, तो हम जल्द ही लक्ष्य हासिल कर लेंगे।