मूर्ति बरामद न होने व चोर के नाम उजागर होने के बावजूद पुलिस शांत

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के कैलटोला ज्ञानी मोड़ स्थित रामजानकी मंदिर से 25 फरवरी की चोरी गई 30 लाख रुपए की अष्ट धातु की बनी राम, जानकी और लक्ष्मण सहित चार मूर्तियां आखिर कहां चली गई यह सोच का विषय बना हुआ है। 11 मई को स्थानीय पुलिस जानकी माता की मूर्ति लकड़ी दरगाह गांव स्थित गुलाम गौस टोला स्थित खेत से बरामद की थी। उसके बाद दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस मूर्ति बरामद नहीं कर सकी और नहीं मूर्ति चोर को ही गिरफ्तार कर सकी है। इससे मंदिर के पुजारी सहित सभी ग्रामीणों में पुलिस के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त है। मात्र एक मूर्ति बरामद होने के बाद यह सवाल आम जनता के दिमाग में घूम रहा है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए क्यों नहीं मूर्ति चोर को गिरफ्तार कर रही है। इस संबंध में मंदिर के पुजारी राघव तिवारी के साथ अन्य ग्रामीणों ने पुलिस पर मूर्ति बरामद नहीं करने एवं चोरों को बचाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शेष चोरी गई मूर्ति की बरामदगी एवं चोरों की गिरफ्तारी की मांग शुक्रवार की है। ज्ञात हो कि बड़हरिया थाना के लकड़ी दरगाह टोले गुलाम गौस गांव से चोरी गई मूर्तियों में से एक मूर्ति एएसपी कांतेश मिश्रा के नेतृत्व में 11 मई को खेत से बरामद की गई थी। उस समय में हंगामा हुआ। एएसपी के अन्य मूर्ति बरामदगी तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन परग्रामीण शांत हुए थे। 12 मई को लोक सभा सिवान के चुनाव के लिए मतदान की चुनावी शोर में कम हो गया था। चुनावी माहौल में मूर्ति चोरी और बरामदगी की बात दब गई थी। सनद रहे कि गत 25 फरवरी 19 को कैलटोले ज्ञानी मोड़ स्थित राम जानकी मंदिर से लाखों मूल्य की अष्टधातु की 4 मूर्तियां चोरी हो गई थी। तीन महीने बाद थाना क्षेत्र के लकड़ी दरगाह गांव निवासी एक खरबूजा बेचने वाली महिला ने इस मूर्ति की पहचान करते हुए उस मूर्ति को अपने घर लेकर आई थी, लेकिन मूर्ति चोरों ने पुनः डरा-धमकाकर उस महिला से मूर्ति वापस ले लिया था। खुलासे के बाद हो हंगामा मचा और पुलिस की दबिश के कारण एक मूर्ति श्रीजानकी की बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के दबाव के कारण चोरों ने इस मूर्ति को खेत में फेंक दिया था। सहायक पुलिस आधीक्षक कांतेश मिश्रा, थानाध्यक्ष मनोज कुमार, अंचल अधिकारी गौरव प्रकाश की मौजूदगी में लकड़ी दरगाह टोले गुलाम गौस गांव में चोर की गिरफ्तारी और मूर्ति की बरामद की घर-घर की तलाशी ली गई थी। कहीं माहौल बिगड़ न जाए इस आशंका को देखते हुए पुलिस मामले को दबाने और बाद में करवाई करने का लोगों को आश्वासन देकर शांत किया था। इस संबंध में थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि चुनावी जिम्मेदारियों से परेशानी था और अधिकारियों की कमी है। अब चुनाव बीत गया है। जल्द ही इस मामले में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी और मूर्ति बरामद कर लिया जाएगा।