कोरोना के दहशत में जिला, सूना सूना बाजार एवं शिक्षण संस्थान

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परवेज अख्तर/गोपालगंज:-कोरोना का भय लगातार बढ़ते जा रहा है।आम से लेकर खास लोगों के बीच इस खौफनाक बीमारी का दहशत इस कदर सिर चढ़ कर बोल रहा है कि अगर आसपास कोई खांसता या छीकने लग रहा है तो उसके पास से भाग रहे है। सरकारी व गैर सरकारी सभी शिक्षण संस्थान पूर्णरूप से बन्द कर दिए गए है।खुले में मांस व मछली के बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के वावजूद भी ग्रामीण इलाकों के बाजारों हाटों में आज भी खुले में बिक्री की जा रही है। प्रशासन के द्वारा छापेमारी तो की जा रही है लेकिन अधिकारियों के हटते ही फिर दुकान सज जा रही है। कोरोना को लेकर जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमा ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। साख कर विदेश से अपने घर लौटने वालों को प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी में रखा है। इस बीच गुरुवार को विदेश से 22 और लोग अपने घर पहुंचे। अब तक विदेश से घर लौटने वालों की संख्या 207 हो गई है। विदेश से लौटने वाले सभी लोगों को उनके घर पर ही होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रतिदिन होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की नियमित जांच कर रही है। विदेश से आए 12 लोगों के घर छोड़कर फरार होने के बाद अब होम आइसोलेशन में रखे गए सभी लोगों के बारे मे प्रतिदिन स्थानीय बीडीओ जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट दे रहे हैं। घर छोड़कर फरार हुए 12 लोगों के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चलने से जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की चिता बढ़ती जा रही है। जिले में कोरोना के अब तक दो संदिग्ध मरीज मिले हैं। जिनका इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ.नंदकिशोर प्रसाद सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से सजग है। पिछले दस दिन में विदेश से जिले में 207 लोग अपने घर लौटे हैं। विदेश से लौटे सभी लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रति दिन उनके घर जाकर जांच कर रही है। अब तक इन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। होम आइसोलेशन में रखे गए सभी लोगों की लगातार 14 दिन तक जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में उसी व्यक्ति को रखा जाएगा, जिसमें कोरोना वायरस से संबंधित लक्षण मिलेगा। सदर अस्पताल अस्पताल में कोरोना वायरस के लक्षण वाले व्यक्ति का सैंपल लेने की व्यवस्था नहीं है। जिसे देखते हुए कोरोना वायरस लक्षण मिलने पर उस व्यक्ति को एंबुलेंस का इंतजाम करने तक आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इसके बाद उसे पीएमसीएच ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में आने वाले संदिग्ध मरीजों के लिए भी मेडिकल किट और पूरी व्यवस्था की गई है। ताकि संदिग्ध मरीजों से किसी अन्य लोगों में किसी तरह का संक्रमण फैलने का खतरा नहीं हो।

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