पुल तोड़ने के दौरान, पोकलेन समेत ध्वस्त हुआ पुल, बाल-बाल बचा चालक

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  • जोड़ों की आवाज सुन दौड़ पहुंचे स्थानीय लोग
  • पुल ध्वस्त होते ही 30 फीट ऊंचा छलका नदी का पानी
  • पुल ध्वस्त होने के समय साइड इंचार्ज था फरार

परवेज अख्तर/सीवान : शहर में जाम की समस्या को देखते हुए जहां नदी पुल पर पुराने पुल को तोड़वाकर नए पुल का निर्माण करने के लिए कार्य चल रहा है. बीते महीनों दिनों से पुराने पुल को तोड़ने का भी कार्य दिन और रात कारीगरों द्वारा चल रहा है.जिसमे सैकड़ों कारीगर प्रतिदिन काम कर रहे है. इस दौरान पुराने पुल के दोनों तरफ के बॉर्डर को तोड़ दिया गया है और पुल पुरानी होने के कारण पुल से मिट्टी निकालने की काम चल रही थी.शुक्रवार को कुछ मिट्टी निकाली गयी थी और शनिवार को भी यह कार्य एक जेसीबी और एक पोकलेन के माध्यम से की जा रही थी.मिट्टी निकालकर ट्रैक्टर के माध्यम से दूसरे स्थान पर इकट्ठा किया जा रहा था. इसी बीच तकरीबन 1:30 बजे पुल हिलने की आशंका चालक को हुआ. जिसके बाद चालक ने साइड पर मौजूद अतुल कुमार से इसकी सूचना दी. जिसके बाद उन्होंने चालक को गाड़ी छोड़कर हट जाने के बाद कहा.लेकिन चंद मिनटों में ही पुल पोकलेन सहित ध्वस्त हो गया. लेकिन इससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.पुल ध्वस्त होने का आवाज इतना जोर था कि स्थानीय लोग चकित रह गये.फिर दौड़े-दौड़े पुल के पास पहुँचे और देखा कि पुल ध्वस्त हो चुकी और जेसीबी पानी में गिरा हुआ है. पुल ध्वस्त होने के दौरान नदी के पानी 40 फिट ऊपर तक छलक उठा और दूसरे पुल पर जा पहुंचा.इससे कई राहगीर भीग भी गये और डर से फरार हो गये.

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पुल ध्वस्त होने के समय साइड मुंशी था फरार

पुल तोड़ने का कार्य मुंशी पिंटू सिंह के देखरेख में चल रहा था.पुल ध्वस्त होने के समय पोकलेन चालक के साथ अतुल नामक एक कर्मचारी मौजूद था.अतुल ने बताया कि चालक पोकलेन वाहन चला रहा था और मिट्टी निकालने का काम चल रहा था. इसी बीच पुल हिलने का आशंका हुई आशंका पर चालक ने मुझे कहा कि पुल हिल रहा है इसके बाद मैंने कहा कि तुम गाड़ी छोड़कर हट जाओ. जिसके बाद कुछ ही मिनटों में पुल ध्वस्त हो गया.उन्होंने यह भी कहा कि का कार्य मुंशी पिंटू सिंह के देखरेख में चल रहा है घटना के समय साइड पर मौजूद नहीं थे.

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निगरानी में होती कार्य तो नहीं होता घटना

लोगों का कहना है कि यदि पुल तोड़ने या निर्माण करने का कार्य निगरानी में होता तो आज यह घटना नहीं होती. लेकिन शुक्र है कि चालक बाल-बाल बच गया. यदि निगरानी में यह कार्य नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है.

पुल ध्वस्त होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फोटो व वीडियो

पुल ध्वस्त होने के बाद वहां से गुजरने वाले लोगों ने गिरी हुई जेसीबी मशीन की तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर लिख दिया कि इसमें बड़ी घटना हुई है.और चालक की मौत हो गयी है. जबकि यह केवल अफवाह मात्र ही थी. लोग सोशल मीडिया के माध्यम से एक जिले से दूसरे जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से पुल ध्वस्त होने और जेसीबी डूबने की तस्वीर भेजने लगे.

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