अतिक्रमण हटाने गए अधिकारी के समक्ष महिला को निर्वस्त्र कर पीटा

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सीओ के एकतरफा कार्रवाई इलाके में बना चर्चा का विषय

थाने से लौटने के बाद दोबारा हुआ हमला

सीओ पर मोटी रकम लेने का आरोप

परवेज़ अख्तर/सीवान:- जिले के लकड़ी नबीगंज प्रखंड के जगतपुरा पंचायत के जगतपुरा चौमुखा गाँव में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई अतिक्रमण हटाने गए अंचालधिकारी के समक्ष एक पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने दूसरे पक्ष की एक महिला को निर्वस्त्र कर उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। बीच बचाव करने आए उसके परिजनों को भी दबंगों ने सीओ के समक्ष ही खूब पिटाई की। देखते ही देखते मामला ने तुल पकड़ लिया और दोनों पक्षों से जमकर पथराव शुरू हो गया। इस घटना में एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पथराव देखकर अतिक्रमण हटाने गए सीओ दबे पाँव खिसकने में कोताही नही बरते। बाद में आनन-फानन में दोनों घायलों को इलाज के लिए स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले में घायल सुमन देवी के बयान पर मिलन सिंह, अरविंद सिंह, प्रशांत कुमार, अभिमन्यु कुमार, अमित सिंह , सुमित सिंह, संजीत सिंह को आरोपित किया है । उधर इस मामले में आवेदन देकर घर लौट रहे घायलों को एक बार फिर से दबंगों ने शुक्रवार की शाम फिर से पीट कर घायल कर दिया। इसके बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मामले में बताया जाता है कि 16 अप्रैल को एक पक्ष के आवेदन पर सीओ पंकज कुमार अतिक्रमण हटाने के लिए बिना नोटिस के जगतपुरा चौमुखा गांव गए थे। इसके बाद लोगों ने एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगा कर सीओ को खदेड़ दिया था। इसके बाद सीओ ने दोबारा उसी तरह की कार्रवाई करते हुए फिर से एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया।

अतिक्रमण
इसके बाद वहां मामला बढ़ गया और मिलन सिंह तथा सुमन देवी के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दबंगों ने सुमन देवी की पिटाई शुरू कर दी। यह देख बीच बचाव करने गए एक और अतिक्रमण कारी पंकज कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दोनों तरफ से जमकर पत्थर बाजी हुई। यह देख वहां से सीओ दलबल के साथ फरार हो गए। इधर घायलों को इलाज के लिए स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज किया गया। इलाज के बाद जब घायल सुमन देवी ने लकड़ीनबीगंज ओपी पहुंच कर आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई तो उसे नबीगंज ओपी से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। घर लौटने के क्रम में दबंगों ने फिर से सुमन देवी के परिजनों
की पिटाई की और दूसरे अतिक्रमणकारी पंकज कुमार को भी घर में बंधक बनाकर पीटा। फिलहाल इस घटना के बाद गांव में तनाव है। बता दें कि जगतपुरा चौमुखा गांव स्थित करीब 11 कट्ठा जमीन गैरमजरुआ एवं आम गैरमजरुआ है। उक्त भूमि पर पोखरा है, लेकिन उक्त पोखरा को पोखरा पश्चिम दिशा की ओर से इंस्पेक्टर प्रसाद, दारोगा प्रसाद, प्रमोद प्रसाद, सुमन देवी वगैरह ने कब्जा किया है और दक्षिण की ओर से मिलन सिंह, अरविंद सिंह, अमित कुमार, मणिभूषण सिंह, राघव सिंह ने पूर्ण रूप से कब्जा किया है। शेष बचा जमीन पूरब और उत्तर में में बचा जमीन में पोखरा है। इसी बीच सीओ द्वारा बिना मापी व बिना अमीन के मौके पर शुक्रवार को पहुंच गए और अतिक्रमण किया गया है उसको सीओ द्वारा खाली करने का निर्देश दिया गया और जो बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किए हैं। उनको खाली कराने का आदेश नहीं दिए जो आंशिक रूप से अतिक्रमण किए हैं उसको सीओ एकपक्षीय नोटिस तामिला कराकर खाली कराने पहुंचे थे। तब आंशिक रूप से अतिक्रमण करने वालों ने बोला कि सीओ साहब पहले पूरे प्लॉट की मापी कराकर सभी लोगों को एक साथ अतिक्रमण खाली करवाया जाए। इसी बात पर सीओ आगबबूला हो गए तथा जो पूर्ण रूप से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए हैं उनको इशारा कर पत्थरबाजी शुरू करवा दिए। उधर जमकर हुई पत्थरबाली में एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में दोनों घायलों को देख ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा और मौके पर पहुंचे सीओ को खदेड़ना शुरू कर दिया। लोगों का आक्रोश देख सीओ मौके से फरार हो गए। इस घटना को लेकर पत्थरबाजी के शिकार दारोगा प्रसाद की पुत्री सुमन देवी ने एक आवेदन लकड़ी नबीगंज ओपी में देकर मिलन सिंह, अरविंद सिंह, प्रशांत कुमार, अभिमन्यु कुमार सिंह, अमित सिंह, सुमित कुमार, संजीत कुमार को आरोपित किया है।

अतिक्रमण हटाने गए अधिकारी

अतिक्रमण हटाने के बहाने सीओ ने दिखाई दबंगई

हत्या की रची साजिश पत्थरबाजी के शिकार पंकज कुमार ने कहा कि स्थानीय सीओ अतिक्रमण हटाने के बहाने मेरी हत्या की साजिश रची थी तथा उनके ही इशारे पर पूर्ण रूप से जो अतिक्रमण किया है उन लोगों ने हमला बोला। अगर सीओ का इशारा नहीं होता तो वे लोग अचानक हमला नहीं बोलते। पहले सीओ को मापी कराकर एक साथ सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस तामिला करानी चाहिए थी लेकिन एक पक्ष के जो लोग ज्यादा अतिक्रमण किए हैं उन लोगों से मोटी रकम लेकर एक पक्षीय कार्रवाई कर हैं।