पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाने में सबकी भागीदारी अपेक्षित: डीपीओ

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vikash abhiyan
  • पोषण माह के तहत जीरादेई में लगाया पोषण स्टॉल, लोगों दी गयी पोषक तत्वों की जानकारी
  • जागरूकता रथ को किया गया रवाना

सिवान: राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जीरादेई के सुरवल में देशरत्न कबड्डी क्लब स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में सीवान आईसीडीएस के द्वारा पोषण माह जागरूकता स्टाल का भी आयोजन किया गया । जिसमें आईसीडीएस के द्वारा एक स्टाल लगा कर खिलाड़ियों एवं वहां मौजूद दर्शकों को पोषण के बारे में जानकारी दी गई। पोषण माह 1 सितंबर से 30 सितंबर तक पूरे देश में मनाया जा रहा है। जिसके तहत सामाज मे अलग अलग कार्यक्रम करके लोगों को पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ताकि देश में एक भी बच्चा कुपोषित ना रह सकें। आईसीडीएस डीपीओ प्रतिभा गिरी के द्वारा पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए बताया पोषण की कमी से बच्चों में कुपोषण हो सकता है। गर्भवती महिलाओं व बालिकाओं को शुरू से ही पोषक तत्व वाला भोजन करना चाहिए।कार्यक्रम स्थल पर आईसीडीएस के द्वारा बैनर पोस्टर लगा कर लोगों कर जानकारी दी गई की क्या क्या बेहतर पोषण के लिए किया जा सकता है।

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आयोजन स्थल पर पोषण परामर्श केंद्र बनाया गया था जिसका लाभ सभी मौजूद खिलाड़ियों एवं वहां उपस्थित दर्शकों को मिला। यहां पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों के द्वारा मैच खेला गया जिसमें पोषण जागरूकता का आयोजन किया गया था। जिसके बाद आईसीडीएस डीपीओ प्रतिभा गिरी, आईसीडीएस निदेशालय राज्य प्रतिनिधि बलविंद्र सिंह, एवं समाजसेवी सह जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा एवं कबड्डी संघ के अध्यक्ष सरोज सिंह राणा के द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखा जागरूकता रथ को रवाना किया गया। जागरूकता रथ प्रखण्ड क्षेत्र के गाँव गाँव जा कर पोषण के बारे में ऑडियो एवं पोस्टर के द्वारा लोगों को जागरूक करेगा। सीडीपीओ जीरादेई संजीव कुमार के द्वारा सारा आयोजन पोषण माह से संबंधित किया गया था।

अभियान को जन आंदोलन बनाने में सबकी भागीदारी जरूरी: डीपीओ

डीपीओ प्रतिभा गिरी ने बताया कि जागरूकता रथ के माध्यम से जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उचित पोषण के बारे में जानकारी दी जायेगी.
लोगों को पोषण अभियान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पोस्टर, पम्पलेट, हैंडबिल के माध्यम से जागरूक किया जायेगा. डीपीओ ने बताया कि सितंबर महीने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है. पौष्टिक आहार और उचित पोषण के प्रति जागरूकता के लिए इस अभियान में सबकी भागीदारी अपेक्षित है. उन्होंने कहा कि इस महीने में हर व्यक्ति, संस्थान और प्रतिनिधि से उम्मीद है कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर जिला को कुपोषण मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभायेंगे. उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य को अपनी भूमिका से अवगत कराया गया है.

कुपोषित बच्चों को किया जा रहा चिन्हित

राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म कोरोना महामारी को देखते हुए उनके घर जाकर करेंगी. साथ ही बच्चों का वजन जांच कर, कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर कुपोषण उपचार केंद्र में भेजेंगी. सभी को पौष्टिक आहार लेने की सलाह भी दी जायेगी. पूरे सितंबर महीने तक चलने वाले पोषण अभियान की थीम पोषण के पांच सूत्रों 1. जीवन के प्रथम 1000 दिन, 2. पौष्टिक आहार, 3. एनीमिया की रोकथाम, 4. डायरिया से बचाव और 5. स्वच्छता और साफ-सफाई पर केंद्रित है.

मौके पर आईसीडीएस के जिला समन्वयक पंकज गुप्ता, जीरादेई के प्रखण्ड समन्वयक नितेश निलंकार, गुठनी समन्वयक राकेश कुमार, बसंतपुर समन्वयक करण गिरी, जीरादेई प्रखंड परियोजना सहायक ब्रजेश कुमार, मैरवा सहायक रितेश कुमार, रघुनाथपुर सहायक आशीष श्रीवास्तव, महिला पर्यवेक्षिका रीना कुमारी सिन्हा समेत स्थानीय लोग उपस्थित थे।