विश्व विकलांगता दिवस पर प्रबुद्ध लोगों ने भेदभाव मिटाने का दिया संदेश

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छपरा: मशरख प्रखंड के बाजार क्षेत्र अवस्थित शिव मंदिर में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन कर गुरूवार को विश्व विकलांगता दिवस मनाया गया। उपस्थित लोगों ने शपथ के माध्यम से संदेश लिया कि हमें समाज में विकलांगता के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करना चाहिए और न ही ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे उनमें हीन भावना आए। विकलांग भी समाज का अभिन्न अंग हैं और उन्हें भी बराबरी का अवसर मिलना चाहिए।इस अवसर पर पश्चिमी सरपंच बिनोद प्रसाद ने यह संदेश दिया कि विकलांग भी हमारे समाज का अभिन्न अंग है। विकलांगता से लड़ा जा सकता है. उदाहरण पोलियो है, जिसके निराकरण के लिए आज लोगों को अपने बच्चों को इसकी दवा समय से पिलानी चाहिये जिससे कि इस रोग से बचा जा सके।

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उप प्रमुख साहेब हुसैन उर्फ टुनटुन ने अपील की कि सरकार और प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों एवं अन्य जगहों पर विकलांग लोगों के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो और विकलांगता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विश्वभर में 3 दिसंबर को अंर्तराष्ट्रीय विकलांग दिवस मनाया जाता है।यह दिवस शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को देश की मुख्य धारा में लाने के लिए मनाया जाता है।इसका मुख्य उदे्दश्य आधुनिक समाज में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के साथ हो रहे भेद-भाव को समाप्त किया जाना है। इस भेद-भाव में समाज और व्यक्ति दोनों की भूमिका रेखांकित होती रही है. सरकार द्वारा किये गए प्रयास में सरकारी सेवा में आरक्षण देना योजनाओं में विकलांगों की भागीदारी को प्रमुखता देना आदि को शामिल किया जाता रहा है।