जाति सूचक शब्द व शिक्षकों की प्रताड़ना से तंग आकर रिम्पा ने किया आत्महत्या

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  • मामले में पिता ने दर्ज करायी प्राथमिकी, पांच शिक्षकों को किया आरोपित
  • बीते शुक्रवार को हॉस्टल के कमरे में लटकता मिला था शव

परवेज अख्तर/सिवान: बीते शुक्रवार को सीवान की रहने वाली छात्रा ने भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय की पांचवे सेमेस्टर की गर्ल स्टूडेंट ने डिप्रेशन में आकर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली थी. मृतक छात्रा रिम्पा कुमारी जिले के महादेवा ओपी क्षेत्र के नई बस्ती की रहने वाली बीरेंद्र बैठा की पुत्री है. जिसका पैतृक गांव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बघड़ा (खालिसपुर) है. जानकारी के अनुसार मृतक  रिम्पा सत्र 2018-19 बैच के पांचवें सेमेस्टर की छात्रा थी. बीते गुरुवार को रिजल्ट जारी हुआ था जिसमें छात्रा विषय में दो नंबर से फेल हो गयी थी. बताया जा रहा है कि रिजल्ट के बाद से रिम्पा काफी तनाव में रह रही थी. उसने शुक्रवार की दोपहर अपने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी, लेकिन मृतिका के पिता के प्राथमिकी के अनुसार मौत का कारण कुछ अलग ही है.

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बताते चले कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में शुक्रवार को स्नातक की छात्रा रिंपा की आत्महत्या मामले में पिता बिरेंद्र बैठा ने बीएयू के पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है. सबौर कृषि विश्वविद्यालय के एकेडमी इंचार्ज डॉ राजीव रक्षित, शिक्षक डॉ श्वेता शांभवी, रजिस्ट्रार डॉ मिनहाजउल हक, डिप्टी रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार, कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद शर्मा पर जातिसूचक गाली देने और अक्सर प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उसकाने का आरोप लगाया है. मृतका के पिता द्वारा दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस बात की जानकारी उनकी पुत्री रिम्पा ने कई बार फोन कर और मिल कर दिया था. मृतिका के पिता ने दावा किया है कि उक्त पांचो शिक्षको और प्रबंधन द्वारा उनकी पुत्री रिम्पा कुमारी को मानसिक प्रताड़ना देकर इस हाल तक पहुंचा दिया गया था जहां वह रिम्पा को मानसिक प्रताड़ना देकर हत्या किया गया था.