पंद्रह सूत्री मांगों को ले आंगनबाड़ी सेविकाओं ने दिया धरना

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परवेज अख्तर/सिवान :- बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाल विकास परियोजना कार्यालय पर सोमवार को आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने धरना दिया तथा मांगों का ज्ञापन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को सौंपा। उनकी मांगों में प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, सेविकाओं का मानदेय 18 हजार तथा सहायिकाओं का 12 हजार किया जाए, कार्यावधि आठ घंटे से अधिक काम न लेने,निरीक्षण के नाम पर मनमाने ढंग से आरोपित करते हुए चयनमुक्त न करने समेत 15 सूत्री मांगें शामिल हैं। इस दौरान सदर प्रखंड कार्यालय पर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने धरना दिया तथा मांगों का ज्ञापन सीडीपीओ को सौंप मांगों को मुख्यमंत्री के पास भेजने का आग्रह किया। धरना देने वालों में सेविका प्रमिला देवी, कुमारी मनोरमा सिंह, तनुजा देवी,संगीता सिंह, रंभा देवी, आरती कुमारी, अर्चना कुमारी,गीता देवी, संगीता देवी, दुर्गावती देवी, सुनीता कुमारी, दुर्गा देवी,सुशीला देवी, रंजू कुमारी आदि शामिल थीं। वहीं वहीं रघुनाथपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में प्रखंड अध्यक्ष अध्यक्ष चिंता देवी के नेतृत्व में धरना दिया गया। धरने को संबोधित करते हुए चिंता देवी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को सामेकित विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। दूसरी ओर आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को बहुत निम्न मानदेय पर अपनी सेवाएं ले रही है और उनका आर्थिक, मानसिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं बिहार सरकार को 15 सूत्री मांग लेना चाहिए। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं के एक शिष्टमंडल ने स्थानीय पदाधिकारी मांग पत्र सौंपा। हसनपुरा प्रखंड के बाल विकास परियोजना के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सोमवार को अपनी 15 सूत्री मांगों को ले धरना-प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व बिहार राज्य कर्मचारी यूनियन संघ के जिलाध्यक्ष निर्मला देवी कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर मीरा देवी, ममता देवी, गुलिस्ता तरन्नुम, माया देवी, शांति देवी, विद्यावती कुशवाहा सहित सैकड़ों सेविका-सहायिकाएं उपस्थित थीं। इसके अलावा अन्य प्रखंडों में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने धरना दिया तथा मांगों का ज्ञापन संबंधित सीडीपीओ को सौंपा।