इसुआपुर में चुनावी रंजिश में मारपीट, 36 लोग नामजद

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छपरा: जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र के अगौथर नंदा तथा गंगोई गांवों में चुनावी रंजिश को लेकर मारपीट हुई। जिसमें 36 लोग नामजद किए गए हैं। अगौथर नंदा गांव के दीनानाथ साह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप है कि वे रात्रि के 9:30 बजे दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी बीच चुनावी रंजिश को लेकर गांव के ही उदय ओझा, अभय ओझा, विनय ओझा, आनंद ओझा, बिट्टू कुमार ओझा, बबी ओझा, शिवम ओझा, बिजेंदर ओझा, निशांत ओझा, निक्कू ओझा, दीपक ओझा, बिट्टू कुमार साह, अनिष कुमार साह, अमरनाथ साह, हेमंत कुमार ओझा, देव कुमार ओझा, गुड्डू ओझा, मनीष कुमार ओझा, छोटू कुमार ओझा, राहुल कुमार ओझा, रोहित कुमार ओझा, मोहित कुमार ओझा, प्रभात रंजन ओझा समेत 30-40 की संख्या में लोग लाठी, भाला लेकर गाली गलौज देते हुए पहुंच गए।

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वहीं दूकान का दरवाजा तोड़कर 10 पैकेट चावल ,10 पैकेट आटा, 5 टीना रिफाइन 3 टीना करु तेल जिसकी कीमत लगभग 98 हजार रुपए मूल्य के सामान तथा 40 हजार रुपए नगद लूट कर भाग गए। साथ ही धमकी दी कि तुम्हें जान से मार देंगे तथा गांव से भगा देंगे। वहीं गंगोई गांव के आकाश कुमार कुशवाहा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप है कि मुखिया प्रत्याशी पूनम देवी के चुनाव जीतने की खुशी में वे शाम के 6 बजे गंगोई दक्षिण टोला में लड्डू बांट रहे थे कि उसी समय पानी टंकी के पास लाल बहादुर सिंह, वीर बहादुर सिंह, मनजीत कुमार सिंह, राजेश सिंह,विवेक सिंह, त्रिभुवन सिंह, जगदीश सिंह तथा 8 -10 अज्ञात व्यक्ति लाठी, डंडा, फरसा तथा तलवार लिए खड़े थे। जिसके बाद वे लोग रोककर गाली गलौज करने लगे तथा बोले कि मेरा प्रत्याशी हार गया है और तुम मिठाई बांट रहा है। गाली देने से मना करने पर लोगों ने लात, घुसा, डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया।

वहीं लाल बहादुर सिंह ने जान से मारने की धमकी भी दी। हल्ला सुनकर गांव के लोग आए और बचाए। वहीं दूसरे पक्ष के गंगोई गांव के ही लाल बहादुर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप है कि बुधवार की रात्रि लगभग 9:30 बजे वे घर में खाना खा रहे थे। उसी बीच हरेंद्र सिंह के साथ अमरेंद्र कुमार उर्फ छोटन सिंह, नितेश कुमार सिंह ,आकाश कुमार,सनी कुमार, भूपेंद्र सिंह उर्फ भुवाली सिंह, सिकंदर सिंह आए तथा मेरे दरवाजे के सामने बम फोड़ने लगे। वहीं हरेंद्र सिंह ने आदेश दिया कि लाल बहादुर सिंह की पत्नी को झोंटा पकड़कर मेरे सामने लाओ और बेइज्जत करो। जिसके बाद वे लोग मेरे घर में घुसकर मेरी पत्नी किरण देवी का झोंटा पकड़कर घसीटते हुए बाहर लेकर चले गए। जिससे वह बेपर्दा हो गई। मैं बचाने गया तो मुझे रस्सी से बांधकर जमीन पर गिरा दिया गया। वहीं मेरे घर में रखे अटैची बक्सा लेकर भाग गए। जिसमें पेंशन बुक ,चेक बुक,पासबुक तथा 32 हजार 600 नगद थे। मेरे चिल्लाने पर लोग दौड़े। सिकंदर सिंह मेरा गर्दन दबाने लगे। वही कट्टा निकालकर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की गई।