प्रवासी मजदूरों को क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर नहीं भेजे जाने से लोगों में रोष है

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स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

परवेज अख्तर/सिवान :- जिले के जी.बी तरवारा नगर थाना क्षेत्र के कई पंचायतों में लॉक डाउन के बाद रोजगार नहीं मिलने से परेशान होकर प्रवासी मजदूरों के बड़े पैमाने पर घर वापसी से लोग डरे व सहमे हुए हैं। लोगों में कोरोना संदिग्ध मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित होने की संभावना बनी हुई है।प्रवासी मजदूरों को क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर नहीं भेजे जाने से स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों में रोष है।

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नाराज लोगों ने तरवारा -जगदीशपुर मुख्य मार्ग पर थोड़ी देर के लिए यातायात बाधित कर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि जिला पार्षद मुखिया डीडीसी सरपंच पैक्स अध्यक्षो की उदासीनता से प्रवासी मजदूर जिला प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं।कर्णपूरा पंचायत के चाचोपाली गांव के राजू सिंह रोशन सिंह इमरान अली मंसूरी जयप्रकाश सिंह मिथिलेश सिंह सतवार के रंजन प्रसाद शंकर राम समेत कई लोगों का कहना है कि रेडजोन में मुंबई दिल्ली कोलकाता सूरत अहमदाबाद पुणे फरीदाबाद गाजियाबाद बेंगलुरु व नोएडा हैं।

इन जगहों से आनेवाले प्रवासी मजदूरों को जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्थानीय प्रशासन द्वारा चिन्हित कर क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर भेजने के लिए समय रहते पहल नहीं किया गया तो गांव के लोग घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे। क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर भेजने के लिए दबाव बनाए जाने पर जनप्रतिनिधियों में वोट खिसकने का डर बना हुआ है।जिससे प्रशासन को सही सूचना नहीं दी जा रही है।

वही रेडजोन से आए प्रवासी मजदूरों के परिजनों की दबंगई से उनपर कोई बंदिश नहीं है। रेडजोन से आने के बाद भी प्रवासी मजदूर खुलेआम सभी लोगों के संपर्क में आ रहे हैं। जिससे कोरोना महामारी के बढ़ने की संभावना बनी हुई है। जबकि संभ्रांत परिवार के लोगों को घर में क्वॉरेंटाइन होने की नसीहत दी जा रही है। वही गरीब तबके के लोगों के साथ भेदभाव कर उन पर दबाव बनाकर उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर भेजकर जनप्रतिनिधियों द्वारा वाहवाही बटोरने का काम किया जा रहा है। जिससे लोगों में नाराजगी है