मशरक प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का कहर जारी, लोग परेशान

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अधिकारी लगें चुनाव में

पंकज कुमार सिंह/छपरा : मशरक पश्चिमी सरपंच बिनोद प्रसाद, मुखिया संघ अध्यक्ष व पूर्वी मुखिया प्रतिनिधि अमर सिंह, बहरौली मुखिया अजीत सिंह, प्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ. पीके “परमार” बंगरा पंचायत के पूर्व मुखिया छोटा संजय,, विधान पार्षद ई. सच्चिदानंद राय के प्रतिनिधि व बीजेपी नेता कुमार रजनीश उर्फ झुन्ना पाण्डेय, युवा समाजसेवी कुंदन सिंह ने जिलाधिकारी सारण से मीडिया के माध्यम से मांग की है कि प्रखंड क्षेत्र में जितने भी सड़क बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हैं या टूटने से आवागमन बाधित है। उक्त सड़क का मरम्मत कराकर आवागमन बहाल कराया जाए।

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मशरक प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गावों में दूसरी बार आयी बाढ़ पानी के बीच चारो तरफ तबाही का भयंकर मंजर दिखाई दे रहा है। वही सरकार समेत प्रशासन सिर्फ चुनाव की तैयारियों में ही लगा हुआ है बाढ़ से प्रभावित इलाकों के लोग डूब कर परेशानी का सामना कर रहे हैं उससे सरकार को कोई लेना देना नहीं है। बाढ के पानी से जहा बाढ पीड़ित खासे परेशान व चिंतित दिखाई दे रहे है।

वही बाढ के पानी में घिरा घर बार छोड़ नहर बांध व उच्च स्थानों पर तिरपाल प्लास्टिक टांग परिवार संग जीवन यापन करने को विवश हो गए है। बाढ़ के पानी में भी कितने लोगों के घर ढ़ह गए है। पेड़ पौधे का भी भाड़ी नुकसान हुआ है। एसएच- 90 पर चैनपुर रेलवे ओभरब्रीज के पास क्षतिग्रस्त पहले की बाढ़ में टुटी थी उसको थोड़ी बहुत मरम्मत कर चलने लायक बनाया गया। वह फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है। तीन फीट पानी बह रहा है।

आवागमन पूर्णतः बाधित हो गया है। लोग बेहद गंभीर समस्याओं के बीच अपना जीवन यापन कर रहे है। सरकारी तंत्र इस बाढ़ के दौर में पूरी तरह साथ छोड़ दिया है। प्रखंड क्षेत्र के चाँदकुदरिया, कर्णकुदरिया, बंगरा, डुमरसन, दुरगौली, बहरौली, मशरक पश्चिमी एवं मशरक पूर्वी पंचायत के दर्जनों गांवो में बाढ का पानी बढने रहा है। लेकिन इन गांवों के बाढ प्रभावित लोगों का हाल जानने न तो प्रशासन के लोग जा रहे है।

और न कोई अधिकारी या कर्मचारी ही जा रहा है। लोगों को सबसे अधिक परेशानी सड़क अवरुद्ध होने के कारण उठानी पर रही है।प्रखंड मुख्यालय से सभी गांवों का संपर्क भंग है। वही गोपालवाड़ी गांव में चकला ब्रहम स्थान के पास सड़क पर बह रहें पानी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। बहरहाल क्षेत्र के बाढ पीड़ित लोग अभी भी भारी मुश्किलो के बीच अपनी जिंदगी गुजारने को विवश है।

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