पूर्व सांसद शहाबुद्दीन पर पहले लगता था आरोप और अब क्या?

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shahabuddin

सीवान में दो जदयू नेताओं में जमकर हुई तकरार, दोनों नेता है चर्चित

परवेज़ अख्तर/सिवान :- एक तरफ सरकार प्रदेश की जनता के विकास के लिए रोज अपने पिटारों से कुछ ना कुछ योजनाओं को पेश कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ जिले में जदयू नेता आपस में ही सरकार के पक्ष-विपक्ष की बात को लेकर आपस में तकरार कर रहे हैं। दोनों चर्चित नेता सरकार को लेकर आपस में ऐसे तकरार कर रहे थे कि अगर एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष का जवाब देते तो मारपीट की नौबत आ जाती, लेकिन एक पक्ष के द्वारा सिर्फ दूसरे पक्ष की बातों को सुनने का काम किया गया। बता दें कि जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष मुर्तजा अली कैसर एवं जदयू के वरिष्ठ नेता सह बड़हरिया प्रखंड के जिला परिषद सं. 17 के जिला पार्षद जुल्फिकार अहमद उर्फ मीठू बाबू दोनों नेताओं की मुलाकात मंगलवार की दोपहर जिला परिषद के मुख्य द्वार पर हो गई और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का कुशल क्षेम पूछा। कुछ देर बाद दोनों नेताओं में वर्तमान सरकार पर बहस छिड़ गई जिस पर जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष मुर्तजा अली कैसर जब सरकार की प्रशंसा की तो जिला पार्षद सह जदयू नेता जुल्फिकार अहमद उर्फ मीठू बाबू ने जदयू पार्टी के बारे में कहने लगे कि यह सरकार गरीबों की सरकार नहीं है। इस सरकार में अफसरशाही बढ़ गई है जिसका जीता जागता उदाहरण बड़हरिया महिला प्रखंड प्रमुख सुबुक तारा खातून और पूर्व बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा के बीच का विवाद है।उन्होंने कहा की जब बीडीओ द्वारा नारी का अपमान करते हुए थप्पड़ जड़ा था तो उस समय नारियों की राग अलापने वाली हमारी सरकार के आला अधिकारी कहाँ थे।दूसरी ओर जिला परिषद सह जदयू नेता जुल्फिकार अहमद ने सरकार की तारीफ न करके जमकर आलोचना की और कहा की राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की जमकर तारीफ की और कहा कि जब राजद के पूर्व सांसद मो.शहाबुद्दीन सिवान जेल में बंद थे तो उस समय सिवान में हो रही घटनाओं का आरोप उन्हीं पर लगता था लेकिन अब लगातार घटनाएं हो रही हैं तो प्रशासन क्यों चुप है। हो रही घटनाओं के आखिर वारिस कौन है ?उन्होनों साफ तौर पे कहा की जब हमने बीडीओ प्रकरण मामले में आवाज उठाई तो मुझे पार्टी के पद से हटाने का काम किया गया।लेकिन उसका मुझे परवाह नही है क्योंकि जनता जिसके साथ है वही नेता है।बड़हरिया की लोकप्रिय जनता ने मुझे दो बार जिला परिषद चुन कर सीवान भेजने का काम किया।वही उन्होंने ने साफ तौर पे कहा की बड़हरिया में जदयू हमसे है लेकिन जदयू से हम नही। वहीं इस मामले में पूछे जाने पर जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष मुर्तुजा अली कैसर ने बताया कि आपस में बातचीत के क्रम में थोड़ी बहुत नोकझोंक हुई मामला किसी विवाद तक नहीं पहुंचा।​

mutuza

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