21 से 28 अक्टूबर तक जिले में चलेगा ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह

0
  • आयोडिन युक्त नमक सेवन करने के लिए किया जायेगा प्रेरित
  • आशा-सेविका व एएनएम करेंगी लोगों को जारूगक
  • बैनर-पोस्टर व दिवाल लेखन के माध्यम से चलेगा जागरूकता अभियान

छपरा: ग्लोबल अल्पता बचाव दिवस के अवसर पर जिलास्तर पर अंर्तविभागीय समन्वय स्थापित कर ग्लोबल आयोडीन अल्पता बचाव सप्ताह का आयोजन किया जायेगा। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र लिखकर सभी सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में बताया गया है कि जिलो में स्वयंसेवी संस्थानों की सहभागिता से आयोडीन-युक्त नमक के सेवन का मानव जीवन में महत्व विषय पर जनमानस को जागरूक करने के लिए सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्तपाल, रेफरल अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्यस केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 21 से 28 अक्टूबर तक ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव सप्ताह का आयोजन कराना सुनिश्चित किया जाये। ज्ञातव्य है कि कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते स्वास्थ्य विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशों का पालन करना आवश्यक है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

माइकिंग व दिवाल लेखन के माध्यम से जागरूकता

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि यह निर्देश दिया गया है कि इस अवसर पर जिला मुख्यालयों व संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में दो-दो रंगीन फ्लेक्स बैनर स्थापित किया जायेगा। कार्यक्रम आयोजन के पूर्व कार्यक्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम के सहयोग से एवं माइकिंग हैंडबिल, पोस्टर व दिवाल लेखन जागरूकता रैली के माध्यम से प्रचार प्रसार कराया जायेगा।

जिलास्तर पर होगी अंर्तविभागीय संयुक्त बैठक

जिलास्तर पर अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करना एवं जिलास्तर पर एक सुयक्त बैठक का आयोजन किया जायेगा। जिसमें नमक के थोक एवं खुदरा व्यपारियों, खाद सुरक्षा पदाधिकारियों, खाद्य एवं आपूर्ति विभा के पदाधिकारियों, आईसीडीएस अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यक्रम के जिला एवं प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक किया जायेगा।

कर्मियों का होगा उन्मूखीकरण

एनसीडीओ डॉ. एचसी प्रसाद ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं व आशा कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन कर उनकी क्षमता विकास एवं उन्मूखीकरण करना है, ताकि वे अपने समुदाय स्तर पर जन-जन तक कार्यक्रम की महत्ता को समझा सके। प्रशिक्षित आशा एवं सेविका आयोडीन युक्त नमक खाने के लिए लोगो को परामर्श देंगी। प्रचार प्रसार के लिए विभिन्न प्रकार के प्रिंटिंग हैंडबिल, पोस्टर, दिवार पेंटिंग, बैनर, पोस्टर, जागरूकता रैली निकाली जायेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के बीच आयोडिन युक्त नमक का उपयोग के लिए जागरूकता फैलाना एवं इसकी निगरानी करना है।