गोपालगंज:- अस्पताल में व्यवस्था की मार झेल रहे मरीज

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गोपालगंज: अस्पताल की व्यवस्था इलाज करने आने वाले मरीजों पर भारी पड़ रही है। हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी की मार यहां आने वाले मरीज झेल रहे हैं। योगदान करने के बाद से ही इस अस्पताल के पांच चिकित्सक अवकाश पर चल रहे हैं। अन्य चिकित्सक सप्ताह में एक दिन आकर अपनी हाजिरी बनाकर ड्यूटी पूरी कर लेते हैं। ऐसे में यहां इलाज कराने वाले मरीज चिकित्सकों का अस्पताल में ढूंढते ही रह जाते हैं। अस्पताल में मौजूद एक दो चिकित्सक अधिकांश मरीजों को देखते ही उन्हें रेफर कर देते हैं। ऐसे में मरीजों को निजी चिकित्सकों के क्लीनिक में जाकर अपना इलाज कराना पड़ता है। हथुआ प्रखंड मुख्यालय में स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में वह सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे मरीजों का बेहतर इलाज हो सके।

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इस अस्पताल में 15 चिकित्सक समेत कुल 71 स्वास्थ्य कर्मी पदस्थापित हैं। लेकिन अस्पताल में एक दो चिकित्सक की मिलते हैं। सोमवार को भी अपना इलाज कराने पहुंचे मरीज चिकित्सकों की तलाश करते रहे। दो चिकित्सक अस्पताल में मौजूद रहे। इनके पास मरीजों की भीड़ लगी रही। मरीज बताते हैं कि इस अस्पताल में प्रतिदिन का यही हाल है। अधिकांश चिकित्सक गायब रहते हैं। मरीजों ने बताया कि अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमेश राम सिवान जिला के बड़हरिया से प्रतिदिन अस्पताल आते जाते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार, डॉ. नीरज कुमार चतुर्वेदी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. के मंजू, दंत रोग चिकित्सक डॉ. सी एम सिंह, आयुष चिकित्सक डॉ. निरंजन, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. अनुराग प्रियदर्शी, डॉ. कुमार उत्सव, डॉ. आसिफ इकबाल, डॉ. अतीक अहमद, डॉ. आयशा अहमद, डॉ. फैजान अहमद, डॉ. यासिर तथा डॉ. अनुरंजिता पाराशर इस अस्पताल में पदस्थापित हैं।

जिनमें डॉ. अनुरंजिता पराशर मातृत्व अवकाश पर हैं। इनके अलावा चार और चिकित्सक योगदान करने के बाद से ही शिक्षा अवकाश पर चले गए हैं। मरीजों की मानें तो अन्य चिकित्सकों में एक दो चिकित्सक खुद तय किए गए रोटेशन के अनुसार अस्पताल में आते हैं तथा सप्ताह में एक दिन हाजिरी बनाकर ड्यूटी पूरी कर लेते हैं। चिकित्सकों के गायब रहने से इलाज करने आने वाले मरीज परेशानी झेल रहे हैं। अधिकांश मरीजों को इलाज के नाम पर रेफर कर दिया जाता है। चिकित्सकों के नहीं मिलने से मरीजों को निजी क्लीनिक में जाकर अपना इलाज कराना पड़ता है। इस संबंध में विधायक राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा है कि अनुमंडलीय अस्पताल से रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने में विभाग उदासीनता बरत रहा है। वहीं सिविल सर्जन डॉ.टीएन सिंह कहते हैं कि चिकित्सकों के गायब रहने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच करा गायब रहने वाले चिकित्सकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।