गोपालगंज: जिले में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत विशेष कैंप का होगा आयोजन

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  • 5 से 15 अगस्त चलेगा विशेष अभियान
  • लंबित आवेदनों का किया जायेगा निष्पादन
  • आईसीडीएस के निदेशक ने जारी किया निर्देश

गोपालगंज: जिले में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन को लेकर 5 से 15 अगस्त यानी दो सप्ताह तक विशेष कैंप आयोजन किया जायेगा। इसको लेकर आईसीडीएस के निदेशक ने पत्र जारी कर सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि विशेष कैंप आयोजित कर योजना के अंतर्गत नये योग्य लाभुकों को पंजीकृत करते पीएमएमवीवाई-कैस के सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन किया जाये। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विशेष कैंप आयोजित कर लंबित आवेदनों का निष्पादन किया जाये। इसके साथ ही द्विवतिय व तृतिय किस्त का भुगतान करना सुनिश्चित किया जाये। पीएमएमवीवाई कैस के लाभार्थियों के आवेदन प्रपत्र प्रत्येक दिन सत्यापित किया जायेगा।

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महिलाओं को दी जाती है 5000 रूपये की प्रोत्साहन राशि

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को शिशु होने तक तीन किस्तों में कुल 5000 रुपये की राशि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाती है. पहली किश्त 1000 रुपये दी जाती है जिसके लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में गर्भ धारण करने के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कर जरूरी दस्तावेज देने पड़ते हैं। कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच करवाने पर 180 दिनों बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये एवं शिशु के जन्म के बाद उनके पंजीकरण व प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये की राशि दी जाती है।

क्या है आंकड़ा

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जिले में जुलाई माह 2021 तक 95621 आवेदन पीएमएमवीवाई-कैस पोर्टल पर अपलोड किया गया है। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्रों को 18 आवेदन प्राप्त करने का टारगेट दिया गया है। जिले में द्वितिय किस्त के 29 तथा तृतीय किस्त के लिए 726 लाभार्थियों का आवेदन पेंडिंग है। जिले में 14 परियोजना कार्यालय है तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 3023 है।

प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना का उद्देश्य

गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन-पोषण के प्रभाव को कम करना। इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है.