गोपालगंज: टीइटी शिक्षक संघ ने सीएम को आवेदन भेजकर की एरियर भुगतान कराने की मांग

0

दो वर्षों से लंबित है नवप्रशिक्षित शिक्षकों का एरियर

गोपालगंज: नवप्रशिक्षित शिक्षकों का एरियर करीब दो वर्षों से लंबित है.टीइटी शिक्षक संघ की जिला इकाई द्वारा मुख्यमंत्री,अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग व राज्य परियोजना निदेशक,बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना को आवेदन भेजकर एरियर भुगतान कराने की मांग की गयी है.आवेदन के माध्यम से संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव,सचिव राजन कुमार,महासचिव दिनेश कुमार व वरीय उपाध्यक्ष गुड्डू कुमार आदि शिक्षक नेताओं ने बताया है कि प्रशिक्षित वेतन निर्धारण के बाद एरियर भुगतान के लिए शिक्षक करीब दो वर्षों से विभाग का चक्कर लगा रहे हैं.एरियर का भुगतान कब तक होगा,इस संबंध में विभाग के स्थानीय पदाधिकारी कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे हैं .इस मामले में कोई पहल भी नहीं की जा रही है.शिक्षक नेताओं का कहना है कि प्रशिक्षित होने के बाद लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक वेतन निर्धारण के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी.अब एरियर भुगतान के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है.

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

जो शिक्षकों का हक है वो भी समय से नहीं मिल पा रहा है.जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डायट) के नियमित सत्र 2014-16,2015-17 व 2016-18 के सेवाकालीन दो वर्षीय प्रशिक्षण डीएलएड सभी शिक्षक प्रशिक्षुओं की परीक्षा एक साथ 2018 मे अक्तूबर-नवंबर में ली गयी थी.जनवरी 2019 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इसका रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया था.सत्र 2017-19 का रिजल्ट 29 मार्च 2019 को प्रकाशित किया गया था. इन सत्रों में वंचित रह गये शिक्षकों को ओडीएल तथा एनआइओएस के तहत प्रशिक्षण दिया गया था.एनआइओएस के तहत डीएलएड करने वालों का रिजल्ट 22 मई 2019 को प्राकशित हुआ था.

रिजल्ट प्रकाशन की तिथि से लेकर सितंबर 2020 तक इन सभी नवप्रशिक्षित शिक्षकों को अप्रशिक्षित का वेतन ही प्राप्त हुआ.वहीं,सिधवलिया प्रखंड के शिक्षकों को दिसंबर 2020 तक अप्रशिक्षित का वेतन मिला.जबकि,विभागीय निर्देशानुसार रिजल्ट प्रकाशन की तिथि से ही इन सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित का वेतन मिलना चाहिए.कई बार आंदोलन होने के बाद विभाग द्वारा वेतन निर्धारण किया गया.वेतन निर्धारण के बाद अब एरियर का मामला फंसा हुआ है.संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों से अपनी मांग को लेकर गुहार लगायी है.