गोपालगंज: चिमनी भट्ठा पर काम कर रहे दो मजदूर की बीमार पड़ने से मौत

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गोपालगंज: चिमनी भट्ठा पर काम कर रहे झारखंड के मजदूर अचानक बीमार पड़ने से दो की मौत हो गई है । घटना विजयीपुर थाने के मझवलिया गांव के नरसिंह साह के चिमनी भट्टे पर की है । मृतकों में बुधुवा उरांव तथा करमा उरांव है जो झारखंड के गुमला जिले के थाना वर्णों के बड़ा सिली गांव के रहने वाला है। घटना के बारे में बता दे कि विजयीपुर थाना क्षेत्र के मझवलिया चिमनी भट्ठा पर पुष्पा उरांव नामक ठेकेदारी मेड के मातहत 10 -15 की संख्या में झारखंड के मजदूर ईंट की पथाई तथा ढुलाई का काम करते हैं जिनमें बुधुवा की तबीयत पहले से खराब थी ।वह काम पर मंगलवार को भट्ठे पर नहीं गया था ।एकाएक बुधुवा के पेट में दर्द हुआ ।धीरे-धीरे कर्मा के पेट में भी दर्द होने लगा ।दोनों की तबीयत अचानक खराब हो गई । तबीयत खराब देख चिमनी का मुंशी राम छबीला भोरे रेफरल अस्पताल लेकर गए ।वहां स्थिति बिगड़ते देख चिकित्सकों ने सदर अस्पताल गोपालगंज रेफर कर दिया लेकिन गोपालगंज अस्पताल में पहुंचते ही दोनों की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद पूरे इलाके में शराब पीकर मरने की चर्चा जोर पकड़ने लगी। देखते देखते पूरे इलाके से लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया।

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मौके पर डीएम, एसपी ,एसडीओ हथुआ अनिल कुमार रमन, एसडीपीओ नरेश कुमार, एक्ससाइज इंस्पेक्टर राकेश कुमार, विजयीपुर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार तथा भोरे रेफरल अस्पताल एवं विजयीपुर की पूरी मेडिकल टीम ,एक्ससाइज टीम, जिले की टीम तथा भारी मात्रा में पुलिस बल चिमनी भट्टा पर आकर जायजा लिया ।एसडीओ के नेतृत्व में एसडीपीओ नरेश कुमार विजयीपुर की पुलिस तथा अन्य आरक्षि बल ने चिमनी भुट्टे के चारों तरफ झुग्गी झोपड़ी और मजदूरों के आवास को जांच किया ।कहीं से कोई शराब की पुष्टि नहीं हुई ।डीएम नवल किशोर चौधरी ने पत्रकारों को बताते हुए कहा कि अभी तक पीओ से मिली जानकारी के मुताबिक मजदूर की मौत शराब पीने के कारण नहीं हुई है। इससे संबंधित सभी मजदूर की जांच कर ली गई है ।रात्रि में अचानक पेट में दर्द हुआ ।भोरे अस्पताल में जांच के बाद अक्शिजन दे गोपालगंज भेजा गया ।जहां पर उन दोनों मजदूरों की मौत हो गई। वहां पर मेडिकल टीम द्वारा जांच कराई गई है।रिपोर्ट आने के बाद पूष्टि होगी ।चिमनी भट्ठा और आसपास 5 किलोमीटर की रेडीएस में एसडीएम हथुआ के नेतृत्व में शराब की छापेमारी की गई ।कहीं से कुछ बरामद भी नहीं हुई है ।5 किलोमीटर के भीतर शराब की पुष्टि नहीं हुई है ।5 किलोमीटर के बाद तीनो तरफ उत्तर प्रदेश है ।जहां शराब फ्री है। वहां के बड़े अधिकारियों से बात कर शराब को बंद कराने की पहल की जाएगी और स्थिति दुरुस्त कर ली जाएगी।