गोपालगंज: कोविड-19 टीकाकरण और नियमित टीकाकरण का यूनिसेफ एसएमसी ने की मॉनिटरिंग

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  • विभिन्न प्रखंडों में टीकाकरण केंद्रों पर किया मॉनिटरिंग
  • कोरोना काल में सुरक्षित टीकाकरण को लेकर हुई चर्चा

गोपालगंज: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। जिसके तहत प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जा रहा है। कोविड-19 टीकाकरण के दौर में भी नियमित टीकाकरण कार्य पूर्व की तरह संचालित किया जा रहा है । कोविड टीकाकरण के लक्ष्य को शत प्रतिशत हासिल करने के लिए विभाग के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है और विभाग इसको लेकर कृत संकल्पित है। जिले के पदाधिकारियों के द्वारा लगातार टीकाकरण केंद्रों का निरीक्षण कर अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। शुक्रवार को यूनिसेफ के जिला समन्वयक रूबी कुमारी के द्वारा जिले के कुचायकोट, पंचदेवरी और कटेया प्रखंड के विभिन्न आरोग्य दिवस सत्र तथा कोविड-19 टीकाकरण सत्र स्थल पर भ्रमण कर अभियान की मॉनिटरिंग की । इस दौरान एसएमसी के द्वारा टीकाकरण सत्र स्थल पर सर्वे लिस्ट, ड्यू लिस्ट तथा लॉजिस्टिक की उपलब्धता की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का टीकाकरण का कार्य 1 से 2 दिन में खत्म हो जाएगा। इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा। जिसको लेकर डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। कोविड-19 टीकाकरण के लक्ष्य को शत प्रतिशत हासिल करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को सिविल सर्जन के द्वारा निर्देश दिया गया है।

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पूर्व की तरह संचालित है नियमित टीकाकरण

यूनिसेफ के जिला समन्वयक रूबी कुमारी ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के दौर में भी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति विभाग पूरी तरह से ततपर है और इस दौरान भी नियमित टीकाकरण पूर्व की तरह संचालित किया जा रहा है। आरोग्य दिवस आयोजित कर गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है और इस अभियान की समीक्षा भी की जा रही है।

सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए जरूरी है टीकाकरण

यूनिसेफ के एसएमसी रूबी कुमारी ने बताया कि सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए टीकाकरण आवश्यक है। इसलिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। बुधवार और शुक्रवार को आरोग्य दिवस आयोजित कर टीकाकरण किया जाता है। टीकाकरण से विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से बचाव होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। इससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो सकेगा।