जिम ट्रेनर गोलीकांड: खुशबू ने विक्रम की तस्वीर दी, विकास ने 6 दिन की थी रेकी, गोली मारने के बाद किलरों ने दिया था सिग्नल

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पटना: खुशबू ने जिम ट्रेनर विक्रम सिंह की तस्वीर अपने पुराने मित्र मिहिर्र ंसह को दी थी। इसके बाद मिहिर ने विकास और अमन को विक्रम की तस्वीर उपलब्ध करवायी। जांच में यह बात सामने आयी है कि घटना से लगभग छह दिन पहले से अपराधी विक्रम की रेकी कर रहे थे। वह किस वक्त निकलता है और किस रास्ते से जाता है, इसका पता शूटरों को पहले से था। यहां तक कि शूटरों के पास विक्रम की स्कूटी का नंबर भी था। जिम ट्रेनर को गोली मारने के बाद कांट्रैक्ट किलरों ने मिहिर से संपर्क किया था। इसके बाद उसे घटना की जानकारी दी गयी। वारदात की जानकारी खुशबू को भी हो चुकी थी।

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मुझे चिटिंग किया, 60 हजार के लिये धोखा दिया…

खुशबू से पुलिस ने कई बार जानकारी लेने की कोशिश की। पुलिस ने पूछा कि जिम ट्रेनर के साथ उसका किस बात को लेकर झगड़ा हुआ था। एसएसपी के मुताबिक इस पर खुशबू ने कहा-उसने मुझसे र्चींटग की, 60 हजार रुपये के लिये धोखा दिया। इस पर पुलिस ने खुशबू से पूछा कि क्या कोई महज 60 हजार रुपये के लिये ऐसा करता है। यह सुनते ही खुशबू ने चुप्पी साध ली।

दीपक और सूरज की तलाश में छापे

पुलिस की विशेष टीम इस घटना में शामिल दीपक और सूरज की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक दोनों अपने घरों से फरार हैं। अगर जल्द से जल्द ये आरोपित नहीं पकड़े गये तो इनके नाम का वारंट पुलिस लेगी। इसके बाद कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी हो सकती है।

जेल में पहली रात कूलर खोज रही थी खुशबू

लग्जरी लाइफ का लुत्फ उठाने वाली डॉक्टर राजीव सिंह की पत्नी खुशबू सिंह ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे जेल जाना पड़ेगा। पुलिस की जांच को हल्के में लेने वाली खुशबू ने जब जेल का नजारा देखा तो वह चौंक गयी। गुरुवार की रात महिला आमद वार्ड में खुशबू को भेजा गया। गर्मी देख खुशबू ने सबसे पहले कूलर की डिमांड की। इसके बाद उसने खुद को बाकी की महिला बंदियों से अलग रखने को कहा। यह सब सुनकर जेल प्रशासन ने उसे कानून का हवाला देकर ऐसा करने से इनकार कर दिया। खुशबू और उसके पति राजीव ने रोटी-दाल खायी। फिर शुक्रवार को चावल और रोटी खाकर पूरा दिन काटा। जेल अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि दंपती की कोरोना जांच करवायी गयी है। दोनों निगेटिव मिले हैं। वहीं जेल प्रशासन के मुताबिक डॉ. राजीव सिंह को कैदी नंबर 9333, जबकि उनकी पत्नी खुशबू सिंह कैदी नंबर 9334 हैं। दोनों को निगरानी में रखा गया है।

परेशान दिख रहे थे दंपती

जेल में खुशबू और राजीव परेशान दिखे। पुलिस को चकमा देने के दौरान दंपती ने नहीं सोचा था कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा। शुक्रवार को दंपती का कोई भी करीबी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। फिलहाज जेल में मुलाकाती पर रोक है, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेस के जरिये बंदियों से बात करवायी जा रही है।