हसनपुरा: जलजमाव के चलते बेंच के सहारे क्लास रुम में जाती हैं सैकड़ों छात्राएं

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  • जलजमाव का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए शिक्षकों ने ईंट, बेंच व पटरा लगा छात्राओं को आने-जाने के लिए व्यवस्था की है
  • कैम्पस के अलावा बगल की दलित बस्ती में घुस जाता पानी
  • महावीर गोस्वामी कन्या उच्च विद्यालय परिसर में जलजमाव
  • 04 सौ 63 बच्चियां हैं नामांकित, जान जोखिम में पढ़तीं हैं

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के हसनपुरा प्रखंड के एकमात्र कन्या उच्च विद्यालय में पूरे साल जलजमाव की समस्या बनी रहती है। बावजूद शिक्षा विभाग कोई निदान नहीं निकालता है। परिणाम जलजमाव को लेकर छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। छात्राएं मुख्य सड़क से विद्यालय के भवन में क्लास करने जलजमाव से होकर गुजरती हुए आती-जाती जाती हैं। हाल के दिनों में जलजमाव का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए शिक्षकों ने ईंट, बेंच व पटरा लगाकर स्कूल में छात्राओं को आने-जाने के लिए व्यवस्था की है। इतना बरने के बावजूद छात्राओं व शिक्षकों को स्कूल में आने-जाने के लिए मुसीबत झेलनी पड़ती हैं। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि यह समस्या बराबर बनी रहती है। बगल में पोखरा है जहां बरसात के दिनों में पानी लबालब भर जाता है। निकासी नहीं होने से पानी स्कूल कैम्पस के अलावा बगल की दलित बस्ती में घुस जाता है। इसके चलते जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बता दें कि यह महावीर गोस्वामी कन्या उच्च विद्यालय मान्यता प्राप्त विद्यालय है। यह पहले करकटनुमा आवास में संचालन होता था। वर्तमान सांसद द्वारा इस विद्यालय की स्थिति देख अनुशंसा कर तीन मंजिल बील्डिंग का निर्माण कराया गया। जहां पूर्व की तरह क्षेत्र के हसनपुरा, उसरी, शेखपुरा, रजनपुरा, सेमरी, अरंडा के अलावा अन्य जगहों की हजारों बच्चियां पढ़ने आती रही हैं।

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क्या कहते हैं हेडमास्टर

हेडमास्टर राजमंगल सिंह ने बताया कि इस स्कूल में वर्ग 9 व 10 की शिक्षा दी जाती है। जहां वर्ग 9 में नामांकित 210 व वर्ग 10 में नामांकित 253 बच्चियां हैं। जलजमाव को ले मेरे द्वारा दो ट्रॉली ईंट व मिट्टी की भराई करवाई गई थी मगर काफी जलजमाव की वजह से वैसे ही बदतर दशा बनी हुई है। फिलहाल बच्चों के आने जाने को लेकर बेंच लगाकर आने जाने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।