हुसैनगंज: किसान भवन में ताला जड़ किया प्रदर्शन

0
dharna
  • समय से बीज नहीं मिलने को लेकर नाराजगी
  • पदाधिकारियों के आश्वासन पर खुला ताला

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के हुसैनगंज प्रखंड स्थित ई किसान भवन पर सोमवार को भाकपा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा ताला जड़ दिया गया। वहीं माले कार्यकर्ता किसान भवन के दरवाजे पर धरना प्रदर्शन करने लगे। ताला जड़ने के बाद किसान भवन में कार्यरत सभी कर्मी बाहर ही ताला खोले जाने का इंतजार करते हुए चुपचाप प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के बगल में खड़े दिखे। अखिल भारतीय किसान महासभा के केंद्रीय कमेटी सदस्य जयनाथ यादव ने बताया कि किसानों को समय रहते खाद बीज वितरण नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण कृषि कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कृषि का अनुकूल मौसम है मगर सरकार की तरफ से अभी भी बहुत से किसानों को बीज का वितरण नहीं किया गया है। मजबूरी में किसान बाजार के खाद-बीज दुकानदारों का रुख कर रहे हैं। जहां उन्हें दोगुनी कीमत अदा करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले भी इस मसले पर पदाधिकारी से वार्तालाप हुई थी और किसानों को बीज वितरण संबंधी आश्वासन मिला था किन्तु बीज वितरण नहीं होने के कारण तालाबंदी करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया। सीवान से कृषि विभाग से आए पदाधिकारियों के साथ तीन बजे वार्ता के पश्चात बीज मिलने के आश्वासन के बाद पुनः किसान भवन का तला खोल दिया गया। मौके पर प्रदीप कुशवाहा, शफी अहमद, ललन यादव, शहजाद अली, हरेन्द्र राम, वीरेंद्र यादव, अरविंद राम, इमामुल हक, खालिद हुसैन, सुंदर प्रसाद, लड्डू राय थे। समेत अन्य माले कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

क्या कहते हैं बीएओ

प्रभारी कृषि पदाधिकारी विजेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि प्रखंड में गेहूं बीज का वितरण टारगेट 500 क्विंटल है। जिसमें अब तक 356 क्विंटल वितरित किया जा चुका है। मसूर बीज 4 क्विंटल के टारगेट में कुल 4 क्विंटल का वितरण हो चुका है एवं चना वितरण का टारगेट 20 क्विंटल है जिसमें 17 क्विंटल का टारगेट पूरा कर लिया गया है। बाकी बीज अभी तक जिले से प्राप्त नहीं होने के कारण कुछ वितरण बाकी है। शनिवार व रविवार को भी ओटीपी के माध्यम से 300 बोरी बीज का वितरण किया गया था। बीजों की प्राप्ति के बाद बाकी बचे किसानों को बीज मुहैया कराया जाएगा।