यही रफ्तार रही तो मार्च में पीक पर होगा कोरोना….बिहार में कोरोना की स्पीड डेढ़ गुना….15 जनवरी तक रोज 3 हजार मामले मिलेंगे….

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पटना: कोरोना 1.6 गुणा की रफ्तार से बढ़ रहा है। डेल्टा और डेल्टा प्लस के साथ अब ओमिक्रॉन वैरिएंट की दहशत हो गई है। बिहार देश का 23वां राज्य बन गया है, जहां कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का मामला मिला है। कोरोना के संक्रमण की रफ्तार यही रही तो इस बार मार्च से पहले ही संक्रमण पीक पर होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना संक्रमितों की रफ्तार यही रही तो एक दिन में 15 जनवरी तक ही संक्रमण का नया मामला तीन हजार के पार होगा। बिहार में संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।

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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि देश में जिस तरह से ओमिक्रॉन का मामला आ रहा था, इससे बिहार में इसके मरीज मिलने का अंदेशा था। एक संक्रमित मिला है और संक्रमण का आंकड़ा आगे बढ़ भी सकता है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। बेड और दवा के साथ हेल्थ वर्क व ऑक्सीजन की तैयारी की जा रही है। बिहार में एक दिन में कोरोना के नए मामलों की संख्या में 71% वृद्धि हुई है। गुरुवार को 132 नए संक्रमित मिले हैं। बुधवार को राज्य में 77 नए संक्रमित आए थे। सबसे अधिक 60 नए मरीज पटना में मिले हैं। दूसरे स्थान पर गया जिला रहा है, जहां 46 नए मरीज मिले हैं। बिहार में 159 दिन के बाद एक दिन में 100 से अधिक नए मरीज मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में जब कोरोना पीक पर आया था तो उस वक्त संक्रमण का मामले 32,716 थे। दूसरी लहर के दौरान 6 मार्च को 1 लाख 154 संक्रमितों का आंकड़ा था। मौजूदा समय में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 726738 हो गए हैं। अब एक दिन में 132 नए पॉजिटिव केस मिले है। स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना की रफ्तार 1.6 गुना से बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के इस आंकड़े पर गौर करें तो 15 जनवरी तक बिहार में तीन हजार नए केस हो जाएंगे। एक दिन में 132 मामले के हिसाब से 15 जनवरी तक संक्रमितों का आंकड़ा एक दिन में 3168 तक पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह कोरोना के पीक को लेकर पूरी तरह से तैयार है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे है, इससे खतरा बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए और कोरोना की दूसरी लहर से जो सबक लिया गया है। इससे संक्रमण से बचाव की तैयारी है।
बिहार के सभी जिलों में कोविड केयर हॉस्पिटल, डेडिकेटेड कोविड हेल्थकेयर सेंटर तथा डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में सामान्य बेड, ऑक्सीजन बेड तथा पर्याप्त ICU बेड की व्यवस्था की गई है। ऑक्सीजन के बारे में ओएसडी हेल्थ कुमार रवि ने बताया कि 125 PSA प्लांट लगना है, इसमें 121 लग चुके हैं। अब तक 120 प्लांट शुरू हो गए हैं। कुमार रवि का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में पीक के दौरान 377 एमटी प्रतिदिन ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी थी, अभी 458 एमटी प्रतिदिन ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकेगा।

ओमिक्रॉन का आते ही सीएम नीतीश कुमार गंभीर हो गए हैं। सीएम का कहना है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल भेजा जा रहा था लेकिन अब पटना के IGIMS में इसकी जांच हो जाएगी। पटना में तैयारी की जा रही है। बहुत जल्द ही इसकी व्यवस्था हो जाएगी।