छपरा में टोकन व कूपन पर होता है बालू लदे ट्रकों का परिचालन

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  • सीएम नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार जीरो टोलरेंस को पलीता लगा रहे हैं सारण के पुलिसकर्मी
  • शराब की थानाध्यक्ष से शिकायत मतलब अपनी जान की आफत मोल लेना, पुलिस छापेमारी करेंगी, कुछ लीटर खाली गैलनो के साथ बरामद, फिर से वही रवैया

छपरा : अपराधियों के आगे लाचार और बेबस सारण की पुलिस की मिलीभगत से शराब तथा बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। जिले में बालू लदे वाहनों का परिचालन करने के लिए टोकन तथा कूपन लेना अनिवार्य है। यह टोकन और कूपन पुलिस तथा खनन विभाग एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों के द्वारा अधिकृत दलालों के द्वारा जारी किया जाता है और उसी को देखकर पुलिस आगे जाने की अनुमति देती है। बिहार से उत्तर प्रदेश और बिहार के अन्य जिले में बालू लदे बङे वाहनों के जाने के लिए अलग-अलग रेट निर्धारित है और हरेक रूट के लिए दलाल उपलब्ध हैं, जो साहब को मैनेज कर रखें हैं और उनके टोकन व कुपन को पुलिस ने मान्यता दे रखी है।

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सारण जिले के प्रत्येक थाने में बालू लदे ट्रकों के पार करने का पैमाना टोकन और कूपन है, जिनके पास टोकन व ओपन रहता है। वह आगे बढ़ते हैं और जिनके पास नहीं रहता है, उन्हें नगद भुगतान संबंधित थाने की पुलिस को करनी पड़ती है। इसके लिए जिले में खनन विभाग परिवहन विभाग तथा पुलिस महकमे के द्वारा दलालों को बहाल कर रखा गया है, जो अलग-अलग रूट के लिए अलग-अलग टोकन तथा कूपन जारी करते हैं। इतना ही नहीं खनन विभाग के द्वारा भंडारण के नाम पर रिविलगंज में बनाए गए केंद्र को बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली का केंद्र बना दिया गया है। यहां 24 घंटे बालू लदे वाहनों से बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की जा रही है।

इसकी जानकारी खनन विभाग के अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को भी है। रिविलगंज थाना क्षेत्र के सेमरिया दुर्गा स्थान के पास खनन विभाग के द्वारा लघु खनिज संपदा के भंडारण का केंद्र बनाया गया है, लेकिन कोईलवर तथा डोरीगंज से बालू लेकर इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को रोककर अवैध वसूली की जाती है । यह सिलसिला लंबे समय से जिले में जारी है।वही मशरक थाना क्षेत्र से गुजर रही एस एच-90 और 73 तों अवैध धंधों के लिए अपराधियों और कारोबारियों के लिए सबसे सेफ जोन घोषित किया गया है।

मशरक एक ऐसा सेंटर प्वाइंट बन गया है जहां पांच जिलों का सीमा का प्रमुख बाजार बना हुआ है।इसी दोनों हाइवे से प्रतिदिन चौबीस घंटे ओवरलोड ट्रक आ जा रहें हैं। अपराधियों के आगे लाचार और बेबस सारण की पुलिस की मिलीभगत से शराब तथा बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। जिले में लगातार चोरी, डकैती, हत्या लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं हो रही है, लेकिन अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की दिलचस्पी नहीं ले रही है। बालू वाहक वाहनों और शराब कारोबारियों से वसूली पर पुलिस ज्यादा ध्यान लगा रखी रही है।

छपरा जिला के भगवान बाजार, नगर थाना, मुफस्सिल, डोरीगंज, रिविलगंज, कोपा, जलालपुर,मशरक, पानापुर थाना क्षेत्र शराब कारोबारियो का सेफ जोन बना हुआ है। चंवर और दियारा क्षेत्र में चौबीसों घंटे धड़ल्ले से शराब बनाने तथा बेचने का कारोबार चल रहा है। वहां छापेमारी के नाम पर पुलिस महज नौटंकी करती है। पुलिस छापेमारी करने जाती है, लेकिन कोई पकड़ा नहीं जाता है। पुलिस लौट कर आती है। लेकिन इलाके से पियक्कड़ों का पकड़ा जाना कम नही हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस से शराब की शिकायत मतलब अपनी जान जोखिम में डालना हैं।आप जैसें शिकायत करेंगे पुलिस वहां खबर कर देगी फिर छापेमारी होगी खानापूर्ति के लिए कुछ लीटर शराब पकड़ें जाएंगे। फिर वहां शराब का कारोबार शुरू हो जाता है।