सिवान में घुंघरुओं की झंकार व तबले की थाप ने अद्भुत समा बांधा

0

परवेज अख्तर/सिवान:
सिवान की अग्रणी संगीत संस्था शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ़ आर्ट एंड म्यूजिक क़े तत्वाधान में आयोजित शिवादी संगीत बैठक की चौथी कड़ी में घुंघरू और तबले की युगलबंदी ने अद्भुत समां बंधा। कार्यक्रम में सिवान की कथक नृत्यांगना प्रज्ञा कुमारी ने कथक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। मशहूर कथक गुरू आदित्या श्रीवास्तव की शिष्या प्रज्ञा ने प्रस्तुति की शुरुआत गणेश वंदना गाइए गणपति जगवंदन से की। इसके पश्चात तीनताल में उपज, थाट, आमद, चक्करदार परन, तोड़ा टुकड़ा, लड़ी, गत निकास व ठुमरी “कवन गली गयो श्याम बता दे गुइयां पर मनोहारी भाव प्रस्तुत तालियां बटोरी।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal

nirtya

तबले पर आरा से पधारे तबला वादक सूरज कांत पाण्डे अद्भुत संगत किया। इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका आदित्या श्रीवास्तव ने कहा कि सिवान में शास्त्रीय प्रतिभाओं का प्रस्फुटन होने लगा है। इन्ही नवीन प्रतिभाओं को निखारने के लिए विगत चार महीनो से प्रतिमाह लगातार शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रज्ञा कुमारी, रश्मि श्रीवास्तव, सृष्टि प्रिया व पुष्पांजलि राज को राइजिंग स्टार अवार्ड से सम्मानित किया गया।