बारिश से किसानों के चेहरे खिले, यूरिया की बढ़ी मांग

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परवेज अख्तर/सिवान : जिला मुख्यालय सहित प्रखंडों में मंगलवार की देर रात से तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी ने जिले के तापमान को पूरी तरह से बदल दिया। कनकनी के साथ ठंड में इजाफा देखने को मिला। बुधवार की सुबह भी तेज हवाओं के साथ पूरे दिन रिमझिम बारिश रुक रुक कर होती रही, जो देर शाम तक जारी रही। दोपहर में कुछ देर के लिए बादलों के बीच से सूर्य की रोशनी लोगों को दिखाई पड़ी लेकिन चार बजते ही मौसम में बदलाव हो गया। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम शाम में 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इधर बारिश की ये बूंदे रबी सहित तेलहन की फसलों के लिए वरदान साबित हुई। बारिश के कारण फुल लगने वाली फसल मसूर, सरसों, अरहर आदि को हल्का नुकसान हो सकता है। मगर गेहूं को बारिश से काफी फायदा पहुंचने की उम्मीद है। भगवानपुर प्रखंड में विगत छह माह से आसमानी बारिश के एक-एक बूंद पानी के लिए किसान तरस गए थे। बारिश के अभाव में धान का फसल पूरी तरह से चौपट हो ही गई थी,रबी फसल की सिंचाई भी प्रभावित हो रही थी। किसान पंपसेटों से महंगे दरों पर फसलों की सिंचाई किए, लेकिन मंगलवार की रात से बूंदाबांदी बारिश शुरू हुई जो बुधवार को भी जारी रही। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हल्की बारिश बाद किसान यूरिया की खरीदारी में जुट गए हैं। क्षेत्र में यूरिया की मांग बढ़ गई है। भगवानपुर के कृषि समनव्यक आलोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बारिश से फसलों के पतों पर जमे धूल कण के धूल जाने से पौधों की श्वसन क्रिया तेज हो जाएगी। जिससे पौधों के वृद्धि, विकास एवं उत्पादन में वृद्धि होगी।

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शहर की सड़कें हुईं कीचड़मय

बारिश के बाद शहर की सड़कों पर कीचड़ के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया। हर सड़क पर कीचड़ का नजारा आम रहा। इतना ही नहीं शहर की हर सड़क पर कमोबेश कीचड़ ही देखने को मिला। जिसने शहर में नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर जलजमाव का नजारा देखने को मिला। आंदर, बसंतुपर में मुख्य पथ पर जलजमाव के कारण लोगों को पैदल चलने में काफी परेशानी हुई।